हरियाणा में एक निजी स्कूल को छोड़कर दूसरे में दाखिला लेने के लिए स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट (एसएलसी) जरूरी होगा। विद्यार्थी बिना एसएलसी के दाखिला नहीं ले सकेंगे। स्कूल शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों में भी दाखिला के लिए इस प्रमाण पत्र की अनिवार्यता बरकरार रखने का निर्णय लिया है। निजी स्कूलों से सरकारी स्कूल में दाखिला के लिए एसएलसी की अनिवार्यता पर शिक्षा मंत्री कंवर पाल जल्दी मुख्यमंत्री से चर्चा करेंगे।
मंगलवार को इस मुद्दे को लेकर हरियाणा प्राइवेट स्कूल संघ के प्रदेशाध्यक्ष सत्यवान कुंडू और हरियाणा स्कूल्स वेलफेयर एसोसिएशन के राज्य समन्वयक वीरेंद्र आर्य के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल शिक्षा मंत्री व मौलिक शिक्षा निदेशक नितिन यादव से मिला। स्कूल संचालकों ने बिना एसएलसी निजी स्कूलों में दाखिला देने संबंधी आदेश पर आपत्ति जताई।
एसोसिएशन के प्रेस प्रवक्ता विनय वर्मा ने बताया कि पंचकूला के शिक्षा सदन में निदेशक के साथ एसएलसी सहित अनेक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। उन्होंने निजी स्कूलों की समस्याओं को समझते हुए मौके पर ही एक स्कूल से दूसरे स्कूल में विद्यार्थियों के बिना एसएलसी दाखिला देने पर रोक लगा दी।
अब विद्यार्थियों को दाखिले के लिए एसएलसी लेना ही पड़ेगा। उन्होंने नियम-134ए का पैसा जल्द जारी करने, नियमों का सरलीकरण व एग्जिस्टिंग (मौजूदा) लिस्ट शीघ्र जारी करने का आश्वासन दिया। निदेशक अगले सप्ताह इन विषयों पर बैठक करेंगे। निदेशक से बैठक के बाद प्रतिनिधिमंडल चंडीगढ़ में शिक्षा मंत्री कंवर पाल से उनके निवास पर मिला।
निजी स्कूल छोड़कर सरकारी स्कूलों में बिना एसएलसी दाखिला के मुद्दे पर वह मुख्यमंत्री से जल्द बात करेंगे। इस अवसर पर हरियाणा स्कूल्स वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान विक्रम लूथरा, महासचिव सूबे सिंह, हरियाणा प्राइवेट स्कूल संघ के उप प्रधान रामकुमार भाकर व सह सचिव राजेश शर्मा उपस्थित रहे।