कैंपस में नाइट शेल्टर, गेस्ट हाउस, 1000 सीटों का ऑडिटोरियम, हॉस्टल व रेजिडेंसल सुविधाएं भी होंगी। एम्स में स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ मेडिकल एजुकेशन, नर्सिंग और स्वास्थ्य संबंधित रिसर्च अनुसंधान को भी बढ़ावा मिलेगा। दक्षिण हरियाणा के रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, भिवानी, झज्जर, मेवात जिले के लोग अभी रोहतक स्थित पीजीआईएमएस, गुरुग्राम स्थित निजी अस्पताल और राजस्थान के जयपुर के अस्पतालों पर निर्भर हैं।
बाढ़सा
हरियाणा के झज्जर जिले के बाढ़सा में एम्स का नेशनल कैंसर इंस्टिट्यूट बनाया गया है जो पूरे देश के कैंसर रोगियों को इलाज प्रदान कर रहा है। सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि बाढ़सा नेशनल कैंसर इंस्टिट्यूट के रूप में कार्य करेगा जो की पूरी तरह एम्स दिल्ली से संचालित हो रहा है।
एम्स के राजनीतिक मायने भी
दक्षिण हरियाणा में स्थापित होने वाले इस एम्स के राजनीतिक मायने भी हैं। हरियाणा में दो बार भाजपा की सरकार बनाने में इस क्षेत्र का विशेष योगदान रहा है। वर्ष 2014 से पूर्व क्षेत्र को कांग्रेस का गढ़ माना जाता था। मगर इस क्षेत्र के जनाधार वाले नेता हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री राव बिरेंद्र के बेटे व वर्तमान में केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के 2014 में भाजपा में आने के बाद यह गढ़ भाजपा का हो गया है। भविष्य की राजनीति को देख भाजपा इस क्षेत्र में एम्स जैसी सौगात देकर लंबी राजनीति की तैयारी में है।
80 एकड़ की हुई रजिस्ट्री, किसानों के खाते में पहुंचे 30 करोड़
210 एकड़ में से करीब 150 एकड़ भूमि का किसानों से अधिग्रहण किया जाना है। माजरा गांव के किसानों ने अपनी स्वेच्छा से प्रदेश सरकार के पोर्टल पर केंद्र सरकार की इस परियोजना के लिए भूमि देने की इच्छा जाहिर की। किसानों से सरकार के नाम रजिस्ट्री कराने का कार्य पिछले चार दिनों से चल रहा है।
रविवार की सुबह तक करीब 80 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री सरकार के नाम हो चुकी थी और करीब 30 करोड़ का मुआवजा किसानों के खाते में ट्रांसफर भी किया जा चुका था। इस परियोजना में करीब 60 एकड़ जमीन पंचायत की है। किसानों से जमीन सरकार के नाम कराने का कार्य अगले बुधवार तक पूरा होने की उम्मीद किसान व सरकार के अधिकारी जता रहे हैं।
माजरा गांव के किसानों ने भी बड़ा दिल दिखाते हुए इस योजना को सिरे चढ़ाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। एम्स को लेकर वह लगातार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, जेपी नड्डा के संपर्क में रहे। झज्जर के बाढसा एम्स को लेकर भी केंद्र सरकार के अधिकारियों में भ्रांति बनी रही लेकिन प्रयासों से उसको दूर कर लिया गया। - राव इंद्रजीत सिंह, केंद्रीय योजना मंत्री।