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Haryana: भाजपा का दामन थामेंगे कुलदीप बिश्नोई, कभी दे सकते हैं विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा, ये चर्चाएं तेज

Sun, 10 Jul 2022 11:13 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

कुलदीप बिश्नोई ने अपने ट्विटर अकाउंट से सोनिया और राहुल गांधी की फोटो हटा दी है। राजीव गांधी के साथ बिश्नोई ने अपने पिता पूर्व मुख्यमंत्री भजन लाल का फोटो भी हटा दिया है।  
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गृहमंत्री अमित शाह से कुलदीप बिश्नोई ने की मुलाकात। - फोटो : ANI
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विस्तार
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हरियाणा के आदमपुर से कांग्रेस के विधायक कुलदीप बिश्नोई भाजपा में जाने की तैयारी में है। रविवार को उन्होंने गृहमंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की। बिश्नोई ने ट्वीट के माध्यम से अमित शाह और नड्डा की तारीफ में कसीदे पढ़े। मुलाकात के बाद बिश्नोई ने अपने ट्विटर बायो से राजीव गांधी, सोनिया गांधी और राहुल गांधी की फोटो हटाकर उनके स्थान पर तिरंगा लगा लिया है। 

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अटकलें लगाई जा रही हैं कि अब बिश्नोई किसी भी समय विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा दे सकते हैं। राज्य की मनोहर सरकार में उन्हें मंत्री बनाए जाने की चर्चा है। 10 जून को हुए राज्यसभा चुनाव में कुलदीप बिश्नोई ने क्रॉस वोटिंग की थी। इससे कांग्रेस के अजय माकन की हार हुई और निर्दलीय कार्तिक शर्मा को विजयी मिली थी। 

कांग्रेस आला कमान ने इसके बाद बिश्नोई को सभी पदों से हटा दिया था। रविवार को शाह और नड्डा से मुलाकात में कुलदीप ने भाजपा में शामिल होने को लेकर अपनी सारी बातें साफ कर ली हैं। चर्चाओं के अनुसार, वह खुद हिसार लोकसभा से टिकट का दावा ठोकेंगे और बेटा भव्य बिश्नोई आदमपुर से विधानसभा का उपचुनाव लड़ेगा। 

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उदयभान के प्रदेशाध्यक्ष बनने से बढ़ी नाराजगी
कुमारी सैलजा के बाद उदयभान को हरियाणा कांग्रेस का प्रदेशाध्यक्ष की कमान सौंपे जाने से कुलदीप बिश्नोई आलाकमान से नाराज चल रहे थे। इसके बाद से उन्होंने पार्टी के कार्यक्रमों से दूरी बना ली थी। पार्टी छोड़ने से पहले वह राहुल गांधी से मुलाकात करना चाह रहे थे लेकिन मुलाकात का समय नहीं मिला। इसी बीच राज्यसभा चुनाव में उन्होंने अंतरआत्मा की आवाज सुनकर पार्टी के खिलाफ वोट किया। इसके बाद से ही वह बिश्नोई ट्वीट के माध्यम से कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोले हैं। 

भाई चंद्रमोहन ने अभी नहीं खोले पत्ते
कुलदीप बिश्नोई के भाई व हरियाणा के पूर्व डिप्टी सीएम चंद्रमोहन ने अभी तक पार्टी छोड़ने और नहीं छोड़ने को लेकर पत्ते नहीं खोले हैं। कुलदीप के क्रॉस वोटिंग के बाद से चंद्रमोहन से पूछा गया था तो उन्होंने कहा था कि अभी वो कोई टिप्पणी नहीं कर सकते। बाद में देखेंगे। देखना ये है कि चंद्रमोहन कांग्रेस में ही रहते हैं या फिर अपने भाई के साथ भाजपा का दामन थामेंगे।
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2007 में बनाई थी हजकां, भाजपा से आठ साल पहले छूटा था साथ
2007 में पूर्व सीएम भजनलाल और कुलदीप बिश्नोई ने हरियाणा जनहित कांग्रेस नाम से नया दल बनाया था। आठ साल पहले 2014 में हजकां और भाजपा का साथ छूट गया था। तब बिश्नोई ने भाजपा पर गठबंधन में मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार नहीं बनाने के लिए वादाखिलाफी का आरोप लगाया था। हालांकि तब भाजपा हरियाणा में पहली बार अपने दम पर बहुमत हासिल करने में कामयाब रही थी। बाद में बिश्नोई ने अपनी पार्टी का कांग्रेस में विलय कर दिया था। 2014 में विधानसभा चुनाव विनोद शर्मा की पार्टी से मिलकर लड़ा था। इसके बाद, वर्ष 2016 में कांग्रेस में हजकां का विलय हुआ। 

बहुत कठिन है अमित शाह हो जाना
बिश्नोई ने अमित शाह और नड्डा से मुलाकात के बाद ट्विटर अकाउंट पर फोटो शेयर की और कुछ इस तरह से अपनी बात कही। उन्होंने लिखा, अमित शाह से मिलना एक वास्तविक सम्मान और खुशी की बात थी। एक सच्चे राजनेता, मैंने उनके साथ बातचीत में उनकी आभा और करिश्मा को महसूस किया। भारत के लिए उनका दृष्टिकोण विस्मयकारी है। 
 
अपनी जुबान के लिए सरे राह हो जाना
बहुत कठिन है, अमित शाह हो जाना

इसी प्रकार, दूसरे ट्वीट में लिखा कि जेपी नड्डा से मिलकर अति गर्वित हुआ। उनका सहज और विनम्र स्वभाव उन्हें औरों से मिलों अलग दिखाता है। उनकी सक्षम अध्यक्षता में बीजेपी फार इंडिया ने अभूतपूर्व ऊंचाइयों को देखा है। उनके उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना करता हूं। 
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