फास्ट पेमेंट सिस्टम को लिंक करने को लेकर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) और मॉनिटरी अथॉरिटी ऑफ सिंगापुर (MAS) के बीच एक करार हुआ है। यह लिंक सिस्टम जुलाई 2022 से काम करेगा। इसके तहत भारत का यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) और सिंगापुर का 'PayNow' एक साथ जुड़ेंगे और इसके जरिए दोनों देशों के बीच फास्ट पेमेंट की सुविधा मिलेगी। इससे उपयोगकर्ताओं को काफी फायदा होगा क्योंकि वे पारस्परिक आधार पर तत्काल एवं कम लागत के साथ पैसों का हस्तांतरण कर सकेंगे।
बुनियादी ढांचे के विकास में अहम पड़ाव
सुविधा के तहत कम लागत के साथ पैसों का हस्तातंरण करने की सुविधा मिलेगी। इस संदर्भ में भारतीय रिजर्व बैंक ने कहा कि यह परियोजना भारत और सिंगापुर के बीच सीमा पार भुगतान के लिए बुनियादी ढांचे के विकास में एक अहम पड़ाव है। यह विकासशील देशों के संगठन, जी-20 की ज्यादा तेज, सस्ती और अधिक पारदर्शी सीमा पार भुगतानों को बढ़ावा देने के संबंध में वित्तीय समावेशन प्राथमिकताओं के साथ करीब से जुड़ा हुआ है।
यूपीआई और पेनाऊ के बीच करार होने से ग्राहकों को बिना अकाउंट नंबर के क्रॉस बॉर्डर पेमेंट सिस्टम का लाभ मिलेगा। इससे भारत और सिंगापुर के बीच व्यापार बढ़ाने की उम्मीद है।
क्या है यूपीआई?
यूपीआई यानी यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस एक अंतर बैंक फंड ट्रांसफर की सुविधा है, जिसके जरिए स्मार्टफोन पर फोन नंबर और वर्चुअल आईडी की मदद से पेमेंट की जा सकती है। यह इंटरनेट बैंक फंड ट्रांसफर के मकैनिज्म पर आधारित है। एनपीसीआई के द्वारा इस सिस्टम को कंट्रोल किया जाता है। यूजर्स यूपीआई से चंद मिनटों में ही घर बैठे ही पेमेंट के साथ मनी ट्रांसफर करते हैं।
कोरोना काल में भारत सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) देश में डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा दे रहे हैं। भारत में लोग डिजिटल लेनदेन के लिए यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस यानी (UPI) का काफी इस्तेमाल करते हैं। भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) देश में खुदरा भुगतान एवं निपटान प्रणालियों के कामकाज के लिए एक समग्र संगठन है।