शीर्ष अदालत ने कई हाईकोर्ट के उन निर्णयों को खारिज कर दिया, जिनमें कहा गया था कि कराधान और अन्य कानून (कुछ प्रावधानों में छूट और संशोधन अधिनियम) (टोला) 2021, आयकर अधिनियम के तहत पुनर्मूल्यांकन नोटिस जारी करने की समय सीमा को आगे नहीं बढ़ाएगा।
सुप्रीम कोर्ट ने राजस्व विभाग को राहत देते हुए बृहस्पतिवार को फैसला सुनाया कि आयकर अधिनियम की व्याख्या 1 अप्रैल, 2021 से प्रभावी संशोधित प्रावधानों के साथ की जानी चाहिए। बताया जा रहा है कि इस निर्णय से लगभग 90,000 पुनर्मूल्यांकन नोटिस प्रभावित होंगे।
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कई हाईकोर्ट के निर्णयों को किया खारिज
शीर्ष अदालत ने कई हाईकोर्ट के उन निर्णयों को खारिज कर दिया, जिनमें कहा गया था कि कराधान और अन्य कानून (कुछ प्रावधानों में छूट और संशोधन अधिनियम) (टोला) 2021, आयकर अधिनियम के तहत पुनर्मूल्यांकन नोटिस जारी करने की समय सीमा को आगे नहीं बढ़ाएगा।
टोला 1 अप्रैल, 2021 के बाद भी रहेगा लागू
भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की पीठ ने हाईकोर्ट की ओर से पारित कई आदेशों के खिलाफ आयकर विभाग की ओर से दायर 727 अपीलों को स्वीकार कर लिया। कोर्ट ने फैसला सुनाया है कि 1 अप्रैल, 2021 के बाद आयकर अधिनियम को प्रतिस्थापित प्रावधानों के साथ पढ़ा जाना चाहिए। टोला 1 अप्रैल, 2021 के बाद भी लागू रहेगा।
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सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि यदि आयकर अधिनियम के प्रतिस्थापित प्रावधानों के तहत निर्दिष्ट कोई कार्रवाई 20 मार्च, 2020 और 31 मार्च 2021 के बीच पूरी होनी थी तो वह एक अप्रैल, 2021 के बाद भी आयकर अधिनियम पर टोला लागू रहेगा।