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दुनिया के सबसे बड़े गर्म रेगिस्तान की रहस्यमय बातें, 10 देशों में फैला है यह

Sun, 05 Apr 2020 11:01 AM IST
सोनू शर्मा फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सहारा रेगिस्तान - फोटो : Social media
सहारा मरुस्थल (रेगिस्तान) का नाम तो आपने सुना ही होगा। यह दुनिया का सबसे बड़ा गर्म मरुस्थल है। दरअसल, सहारा नाम रेगिस्तान के लिए अरबी शब्द 'सहरा' से लिया गया है, जिसका अर्थ होता है मरुस्थल। उत्तरी अफ्रीका पूरी तरह से इस रेगिस्तान से ढंका हुआ है जबकि इसका थोड़ा सा भाग एशिया महाद्वीप में भी पड़ता है। आज हम आपको इस रेगिस्तान की कुछ खास और रहस्यमय बातें बताने जा रहे हैं, जिसे जानकर शायद आप भी हैरान रह जाएंगे। 
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सहारा रेगिस्तान - फोटो : Social media
सहारा रेगिस्तान की लंबाई 4800 किलोमीटर जबकि चौड़ाई 1800 किलोमीटर है। क्षेत्रफल में यह रेगिस्तान यूरोप महाद्वीप के लगभग बराबर और भारत के क्षेत्रफल के दोगुने से भी अधिक है। यह करीब 92 लाख वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है।  
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चाड की सीमा से लगा सहारा रेगिस्तान - फोटो : Social media
सहारा रेगिस्तान ने दुनिया के आठ फीसदी थलीय भाग को अपनी चपेट में ले रखा है। इसकी सबसे खास बात कि यह मरुस्थल 10 देशों में फैला हुआ है, जिसमें माली, मोरक्को, मौरितानिया, अल्जीरिया, ट्यूनीशिया, लीबिया, नाइजर, चाड, सूडान और मिस्र जैसे देश शामिल हैं।  

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सहारा रेगिस्तान - फोटो : Social media
भले ही सहारा रेगिस्तान में इंसानों के रहने के लिए अनुकूल परिस्थितियां नहीं हैं, लेकिन इसके बावजूद यहां 500 के करीब रेंगने वाले जीव पाए जाते हैं। इसके अलावा इस रेगिस्तान में 1000 के करीब पेड़ों की प्रजातियां भी जीवित हैं। हालांकि पेड़ ज्यादातर पानी के स्रोतों के पास ही मिलते हैं। 
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सहारा रेगिस्तान - फोटो : Social media
बाकी रेगिस्तानों की तरह सहारा में भी दिन के समय भयंकर गर्मी और रात के समय भयंकर सर्दी पड़ती है। आमतौर पर रेगिस्तानों में बर्फबारी तो होती नहीं है, लेकिन साल 2016 में यहां बर्फबारी हुई थी, जिसने सभी को हैरान कर दिया था। इसके पीछे वजह ये बताई गई थी कि रेगिस्तान के पास ही स्थित एटलस पर्वत की तलहटी में तापमान सामान्य से 10-15 डिग्री नीचे चला गया था। साथ ही ऊंचाई पर कम दाब का केंद्र उत्पन्न हो गया था, जिसके कारण हवा तेजी से नीचे की तरफ आई और बर्फबारी जैसी स्थितियां पैदा हो गईं। 
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सहारा रेगिस्तान - फोटो : Social media
आज भले ही सहारा मरुस्थल वीरान और निर्जन दिखाई देता है, लेकिन करीब 6000 साल पहले यह हरा-भरा हुआ करता था। एक शोध के मुताबिक, अफ्रीका का सहारा क्षेत्र लगातार हरियाली घटते रहने के कारण लगभग 2500 साल पहले दुनिया के सबसे बड़े मरुस्थल में बदल गया। अब ऐसा क्यों हुआ, इसका पता वैज्ञानिकों को आज तक नहीं चल सका है, क्योंकि इस बदलाव से जुड़े अधिकतर प्रमाण नष्ट हो चुके हैं। ऐसा माना जाता है कि सहारा रेगिस्तान करीब 15000 साल के बाद फिर से हरा-भरा हो जाएगा। 
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