भाजपा जिसे मुद्दा बना रही, उसपर महिला एनाउंसर सोमा चक्रवर्ती ने 'अमर उजाला' से बात की।
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गुरुवार 21 दिसंबर को 'बिहार डेयरी एवं कैटल एक्सपो' का पटना में शुभारंभ हुआ। इसमें देखने-जानने की कई बातें थीं। लेकिन, यहां भारतीय जनता पार्टी ने एक मुद्दा पकड़ लिया। शनिवार को पूर्व उप मुख्यमंत्री रेणु देवी समेत भाजपा की कई महिला नेत्रियों ने उस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के उस प्रसंग पर आपत्ति जताई, जिसमें वह महिला एनाउंसर के पास से गुजरते समय दोनों हाथों से उनके कंधों पर छूते हुए "आपका भी अभिनंदन" कहते सुने गए। भाजपा के आरोपों को यहां क्लिक कर पढ़ सकते हैं। खैर, गुरुवार को जब यह कार्यक्रम हो रहा था, तब यह अजूबा नहीं लगा था। सभागार में मौजूद महिला एनाउंसर सोमा चक्रवर्ती के पति अभय सिन्हा को भी नहीं। बात आयी, गई नहीं; भाजपा ने इसे बिहार विधानमंडल के शीतकालीन सत्र के दौरान दोनों सदनों में कथित 'सेक्स एजुकेशन' के बाद मुख्यमंत्री के चरित्र से जोड़कर इसे 'बैड टच' बताया है। ऐसे में 'अमर उजाला' ने सीधे सोमा चक्रवर्ती से ही बात की कि उन्हें क्या लगा और क्या इसे इस तरह उठाया जाना सही है?
सोमा चक्रवर्ती की आवाज ही पहचान है
जो लोग बिहार में दो-ढाई दशक पहले से नाट्य-कला से थोड़ा भी वास्ता रखते हों, वह सोमा चक्रवर्ती और अभय सिन्हा से वाकिफ होंगे। आकाशवाणी-दूरदर्शन के श्रेताओं-दर्शकों के लिए भी यह नाम पहचाना हुआ है। इसके अलावा, करीब दो दशक से स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस समेत ज्यादातर सरकारी आयोजनों को टीवी चैनल, यूट्यूब या किसी अन्य मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए लाइव देखते-सुनते होंगे, वह भी सोमा चक्रवर्ती की आवाज से वाकिफ होंगे। रविवार को जब 'अमर उजाला' ने सोमा को कॉल किया तो कॉलर ट्यून सुनाई दिया- "मेरी आवाज ही पहचान है, गर याद रहे।"
क्या कहा सोमा ने इस वाकये और राजनीति पर
तो, कॉल पर जब उनसे इस वाकये पर बात शुरू हुई तो उन्होंने कहा- "ऐसा पहली बार तो कुछ हुआ नहीं! कुछ समय पहले बापू सभागार में भी मुख्यमंत्री ने उद्योग विभाग के कार्यक्रम के दौरान सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद दिया था। तब तो किसी ने आवाज नहीं उठाई! उस समय भी वह साइड से निकलते समय आशीर्वाद देते हुए गए थे। वह पिता तुल्य हैं और अभिभावक स्वरूप हैं। मुझे तो कुछ आपत्तिजनक नहीं लगा। न मेरे चरित्र के हिसाब से और न उनके स्पर्श के अंदाज से।" आप तो नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री बनने के समय से ज्यादातर बड़े आयोजनों में एनाउंसर की भूमिका में रहती हैं, इन ताजा वाकयों के पहले भी ऐसा कुछ दिखा था? इस सवाल के जवाब में सोमा ने कहा- "मेरे पति उस समय सामने ही थे। मैंने तो सीएम की हौंसला आफजाई पर उनका आभार ही जताया। इसके पहले भी यही होता रहा है। वह बड़े हैं, अभिभावक हैं। मैं सही हूं और मैं इसे बैड टच नहीं मानती हूं। यह आशीर्वाद का स्पर्श था।" लेकिन, भाजपा तो इसे बैड टच बताते हुए हंगामा कर रही है। इस सवाल पर सोमा बोलीं- "कौन सत्ता में है और कौन विपक्ष, यह मेरा मुद्दा नहीं। मैं अरसे से सार्वजनिक जीवन में हूं। माइक पर रहते समय कई बार लोग मेरे करीब आकर कान में कुछ बोलते हैं तो इसपर मुद्दा बनाया जा सकता है? नहीं तो यह मुद्दा कोई क्यों बना रहा? मुझे या मेरे परिवार को आपत्ति नहीं। और, जहां तक भाजपा का सवाल है तो मैं पिछली सरकार के समय भी यह भूमिका निभा रही थी। कई बार सीएम ने भाजपाई मंत्रियों के सामने मेरी हौंसला आफजाई की है, तब तो यह मुद्दा नहीं बना! कई वर्चुअल इवेंट्स में भी उन्होंने मेरा उत्साहवर्धन किया था, जब भाजपा सरकार में उनके साथ थी। मुझे लगता है तो जिसे बोलना था, बोल चुके। मुझे जो कहना था, मैंने आपको बताया ही। अब इसे यहीं खत्म करना चाहिए। क्योंकि यह मुझे भी असहज कर रहा है।"