दिल्ली एनसीआर में लगातार 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल/सीएनजी वाहनों का रजिस्ट्रेशन रद्द किया जा रहा है। केंद्र सरकार की ओर से इस मामले पर क्या जानकारी दी गई है। आइए जानते हैं।
दिल्ली एनसीआर सहित देशभर के कई बड़े शहरों में प्रदूषण की समस्या काफी गंभीर हो रही है। लगातार बढ़ते वाहनों से ज्यादा पुराने वाहन प्रदूषण फैला रहे हैं। इन्हें हटाने की कोशिश सरकार की ओर से जारी हैं। हम इस खबर में आपको बता रहे हैं कि अब तक दिल्ली एनसीआर से कितने ऐसे वाहनों को हटाया गया है जो अपनी उम्र पूरी कर चुके हैं।
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अब तक कितने वाहनों का रजिस्ट्रेशन हुआ रद्द
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- फोटो : सोशल मीडिया
केंद्र सरकार की ओर से संसद में जानकारी दी गई है कि दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र में अब तक कितने पुराने वाहनों का रजिस्ट्रेशन रद्द किया गया है। सरकार की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक अब तक 54 लाख से ज्यादा ऐसे वाहनों का रजिस्ट्रेशन रद्द किया जा चुका है।
एक सांसद के सवाल के जवाब में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि माननीय एनजीटी और भारत के सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के परिणाम के तौर पर जीएनसीटीडी ने 31 जनवरी 2023 तक 54,42,267 वाहनों का पंजीकरण रद्द ͩकिया है। इनमें 10 साल पुराने डीजल वाहन और 15 साल से ज्यादा पुराने पेट्रोल और सीएनजी वाहन शामिल हैं।
केंद्रीय मंत्री की ओर से आगे जवाब में बताया गया कि दिल्ली सरकार की प्रवर्तन शाखा नियमित तौर पर 10 साल से ज्यादा पुराने डीजल और 15 साल से ज्यादा पुराने पेट्रोल और सीएनजी वाहनों की जांच करती है। जिन वाहनों को जांच के दौरान सही नहीं पाया जाता है, उन्हें स्क्रैपर्स को सौंप दिया जाता है।
Petrol and Diesel will not get Without Vehicle PUC Certificate
- फोटो : Istock
नितिन गडकरी ने बताया कि एक जनवरी 2014 से 31 जनवरी 2023 तक 10 साल पुराने 446 डीजल वाहनों और 15 साल से ज्यादा पुराने पेट्रोल और सीएनजी के 12959 वाहनों को जब्त किया गया है। इन्हें जब्त करने के बाद स्क्रैपर्स को दिया जाता है।
दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण की समस्या लगातार बढ़ रही है। सबसे ज्यादा पुराने वाहनों के कारण प्रदूषण बढ़ रहा है। पुराने होने के कारण इनकी तकनीक भी पुरानी होती है। वहीं नए वाहनों में लगातार सुधार किया जा रहा है जिससे पुराने के मुकाबले नए वाहनों से काफी कम प्रदूषण होता है। प्रदूषण कम करने के लिए सरकार एक अप्रैल 2023 से बीएस-6 के दूसरे चरण को लागू करने जा रही है।
सरकार का पूरा ध्यान पेट्रोल और डीजल से चलने वाले वाहनों की संख्या कम करने पर है। सरकार इलेक्ट्रिक, हाईब्रिड और फ्लेक्स फ्यूल जैसी तकनीक के वाहनों को लगातार बढ़ावा दे रही है। बाजार में कई कंपनियों की ओर से इलेक्ट्रिक वाहनों को ऑफर किया जा रहा है। वहीं ऑटो एक्सपो के दौरान फ्लेक्स फ्यूल और हाईब्रिड वाहनों को भी शोकेस किया गया था।