एक पूर्व सऊदी खुफिया अधिकारी ने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान पर यमन जंग के फैसले पर अपने पिता के फर्जी दस्तखत करने का आरोप लगाया है। साद अल-जाबरी नाम के इस अधिकारी ने बीबीसी को दिए इंटरव्यू में यह खुलासा किया कि मुल्क के वर्षों से यमन के हूती विद्रोहियों के खिलाफ चल रहे युद्ध की शुरुआत क्राउन प्रिंस की देन है। इस मसले पर अभी तक सऊदी अरब की तरफ से कोई जवाबी प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि, देश ने जाबरी को एक बदनाम पूर्व सरकारी अधिकारी करार दिया है।
नेपाल में भूस्खलन से सात लोगों की मौत; एक ही परिवार के चार लोग जिंदा दफन
पश्चिमी नेपाल में लगातार बारिश के कारण हुए भूस्खलन की अलग-अलग घटनाओं में दो परिवारों के सात लोगों की मौत हो गई। इस दौरान बझांग जिले में एक ही परिवार के चार सदस्य जिंदा दफन हो गए। पुलिस ने सोमवार को बताया कि रविवार रात बझांग जिले में बुंगल नगरपालिका-10 में भूस्खलन के कारण एक घर बह गया। इसमें मरने वालों में 50 वर्षीय काली धामी, उनकी बहू और छह एवं तीन साल के पोते शामिल हैं। हालांकि, परिवार के छह अन्य सदस्य प्रकृति के इस प्रकोप से बच गए। जजरकोट जिले में, नलगढ़ नगरपालिका-2 के माझागांव में सोमवार की सुबह भूस्खलन के कारण एक अस्थायी आश्रय स्थल गिर गया, जिससे एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई। पिछले साल भूकंप में घर ढहने के बाद से यह परिवार अस्थायी आश्रय स्थल में रह रहा था।
चीन में उइगर मुस्लिमों पर अत्याचार और उनका उत्पीड़न जारी है। स्वीडिश उइगर कमेटी (एसयूके) ने एक बार फिर चीन और उसके राष्ट्रपति शी जिनपिंग पर पूर्वी तुर्किस्तान (उत्तर-पश्चिमी चीन का हिस्सा) के बच्चों पर जुल्म ढहाने का आरोप लगाया गया है। इस क्षेत्र में उइगर मुस्लिमों की बड़ी आबादी रहती है। कमेटी ने रविवार को एक बयान में कहा कि राष्ट्रपति शी, चीन की मुख्य जमीन के बच्चों के लिए तो दयाभाव दिखा सकते हैं, लेकिन सत्तारूढ़ चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीसीपी) ने जिन 10 लाख से अधिक उइगर बच्चों का अपहण किया या उन्हें अपने परिवारों से अलग कर दिया, उनके लिए उन्होंने ऐसा कुछ भी नहीं किया। इसमें कहा गया है कि इन मासूमों को प्यार और सुरक्षा देने की बजाय कई तरह की यातनाएं दी जा रही हैं। वे भुखमरी में जी रहे हैं। जबरन श्रम ने उनका बचपन छीन लिया है और उनकी पहचान मिटाई जा रही है। यह चीन के कब्जे वाले इस क्षेत्र में यह एक दुखद और दिल दहला देने वाली वास्तविकता है।
भारत-अफ्रीका व्यापार सम्मेलन: विदेशी मेहमान आ रहे भारत
20 से 22 अगस्त तक नई दिल्ली में होने वाले भारत-अफ्रीका व्यापार सम्मेलन को लेकर अतिथियों के भारत पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है। सोमवार सुबह जिम्बाब्वे के उपराष्ट्रपति कॉन्स्टेंटिनो चिवेंगा का नई दिल्ली पहुंचने पर एयरपोर्ट पर स्वागत किया गया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने एक्स पर पोस्ट किया कि 19वें भारत-अफ्रीका व्यापार सम्मेलन में जिम्बाब्वे के उपराष्ट्रपति कॉन्स्टेंटिनो चिवेंगा का नई दिल्ली में गर्मजोशी से स्वागत किया गया। सम्मेलन में उनकी भागीदारी भारत और जिम्बाब्वे के बीच मजबूत संबंधों को उजागर करती है। और अफ़्रीका के साथ सहयोगात्मक संबंध मजबूत बनाने के लिए हमारी प्रतिबद्धता को मजबूत करती है।
एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबकि व्यापार सम्मेलन में कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, रक्षा, डिजिटल साझेदारी, वित्तीय साझेदारी, स्वास्थ्य सेवा, फार्मास्यूटिकल्स, बिजली और ऊर्जा, गुणवत्ता पारिस्थितिकी तंत्र और कौशल क्षमता विकास जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर चर्चा की जाएगी। भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) द्वारा विदेश मंत्रालय और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के साथ आयोजित सम्मेलन का उद्देश्य द्विपक्षीय, त्रिपक्षीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा करना तथा सहयोग के नए अवसर खोलना है।
इस सम्मेलन में गांबिया के उपराष्ट्रपति मोहम्मद बीएस जलो और गांबिया के रोजगार मंत्री बाबूकार उस्माइला जोफ और मतस्य पालन मंत्री मसा एस ड्रमोह, यूएई के विदेश व्यापार मंत्री डॉ. थानी अहमद अल जायौदी, बुर्किना फासो से औद्योगिक विकास मंत्री सर्ज ग्नानियोडेम पोडा, मिस्र के व्यापार और उद्योग मंत्री डॉ. अहमद समीर, इक्वेटोरियल गिनी के कृषि, पशुधन और ग्रामीण विकास मंत्री जुआन जोस एनडोंग टोमो और युगांडा, मलावी, घाना, गिनी, नाइजीरिया के प्रतिनिधि भाग लेंगे।