कोरोना महामारी चलते वैश्विक आर्थिक सुधार के पंगु बने रहने के बीच अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने मंगलवार को कहा कि अमेरिका और चीन विकास के महत्वपूर्ण इंजन बने हुए हैं, भले ही उनकी गति धीमी हो। अगले हफ्ते वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक (डब्ल्यूईओ) जारी करने से पहले आईएमएफ की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने कहा कि उन्हें अब इस साल विकास दर में मामूली कमी की उम्मीद है। डब्ल्यूईओ सदस्य देशों में वित्तीय विकास और नीतियों से जुड़ी रिपोर्ट है।
जॉर्जीवा ने कहा कि हम एक वैश्विक स्थिति का सामना कर रहे हैं जो महामारी से बुरी तरह प्रभावित हुआ है। हम ठीक तरीके से आगे बढ़ने में असमर्थ हैं। यह जूते में पत्थरों के साथ चलने जैसा है। सबसे मुश्किल बाधा टीकाकरण विभाजन है। जॉर्जीवा ने कहा कि टीकों की बहुत कम पहुंच वाले देशों में लोग बिना टीके के रहने को मजबूर हैं।
अगले सप्ताह आईएमएफ और विश्व बैंक की वार्षिक बैठक से पहले अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि देश प्रतिक्रिया देने की अपनी क्षमता में गहराई से विभाजित रहते हैं। लेकिन हम लोगों के लिए मजबूत सुधार कर सकते हैं। हम मिलकर काम करके ही ऐसा कर सकते हैं। बोकोनी यूनिवर्सिटी और टी 20 नेशनल में अपने भाषण में जॉर्जीवा ने कहा, लेकिन एक संतुलित वैश्विक सुधार के लिए जोखिम और बाधाएं और भी स्पष्ट हो गई हैं। हमारे जूते में पत्थर अधिक दर्दनाक हो गए हैं।
उन्होंने कहा कि अमेरिका और चीन अब भी विकास के महत्वपूर्ण इंजन बने हुए हैं, हालांकि इसकी गति कम है। कुछ और उन्नत व उभरती अर्थव्यवस्थाएं भी गति हासिल कर रही हैं जिसमें इटली और यूरोप शामिल है। इसके उलट कुछ देशों में वृद्धि बुरी तरह प्रभावित होती जा रही है, खास तौर पर गरीब देशों में वैक्सीन की कमी, नीतियों में कमियां से हालात बिगड़ रहे हैं।