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Pakistan: 'बातचीत की आड़ में कबायली इलाकों पर कब्जे की फिराक में था अफगान', पाकिस्तान के शीर्ष अधिकारी का दावा

Thu, 28 Dec 2023 02:34 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद

सार

शीर्ष अधिकारी ने कहा कि बातचीत की आड़ में प्रतिबंधित टीटीपी आतंकवादी समूह अफगान तालिबान के मौन समर्थन के साथ पूर्व जनजातीय क्षेत्रों के भीतर अपना साम्राज्य स्थापित करने का लक्ष्य बना रहा था।
 
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तालिबान - फोटो : Social Media
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विस्तार
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पाकिस्तान के एक शीर्ष अधिकारी ने अफगानिस्तान के अंतरिम विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी के उन दावों का जोरदार खंडन किया है, जिसमें कहा गया कि पाकिस्तान अंतिम समय में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के साथ समझौते से पीछे हट गया। साथ ही  दावा किया कि आतंकवादी संगठन की अनुचित और असंवैधानिक मांगों के कारण वार्ता असफल हुई थी। 

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एक रिपोर्ट में खुलासा
एक रिपोर्ट के अनुसार, शीर्ष अधिकारी ने कहा कि बातचीत की आड़ में प्रतिबंधित टीटीपी आतंकवादी समूह अफगान तालिबान के मौन समर्थन के साथ पूर्व जनजातीय क्षेत्रों के भीतर अपना साम्राज्य स्थापित करने का लक्ष्य बना रहा था।

पिछले हफ्ते हुई थी बातचीत
पिछले हफ्ते तेहरान में फलस्तीन सम्मेलन में अफगान अंतरिम विदेश मंत्री मुत्ताकी और पाकिस्तान के सीनेटर मुशाहिद हुसैन सैयद के बीच एक अनौपचारिक आदान-प्रदान के दौरान, तालिबान नेता ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान और टीटीपी के बीच अधिकांश मुद्दों को 2022 में हल कर लिया गया था। उन्होंने तर्क दिया कि विवाद का एकमात्र मुद्दा पूर्व संघीय प्रशासित जनजातीय क्षेत्रों (एफएटीए) के विलय के बारे में था।
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अफगान राजनयिक की बात में सच्चाई की कमी
मुत्ताकी के अनुसार, पाकिस्तान तब पीछे हट गया जब दोनों पक्ष एक समझौते को अंतिम रूप देने के कगार पर थे। हालांकि, इस मामले से परिचित इस शीर्ष रैंकिंग पाकिस्तानी अधिकारी ने मुत्ताकी के बयान को बेतुका बताते हुए खारिज कर दिया और कहा कि अफगान राजनयिक की बात में सच्चाई की कमी है। 

मौजूदा गतिरोध के लिए अफगान तालिबान सरकार जिम्मेदार
अधिकारी ने इस विषय की संवेदनशीलता के कारण नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर बताया कि टीटीपी की अनुचित और असंवैधानिक मांगों के कारण बातचीत सफल नहीं हुई। साथ ही उन्होंने दावा किया कि बातचीत की आड़ में आतंकवादी समूह कबायली इलाकों के कुछ हिस्सों को नियंत्रित करने की कोशिश में लग गया था। द्विपक्षीय संबंधों में मौजूदा गतिरोध के लिए अफगान तालिबान सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए अधिकारी ने कहा कि क्या हमें अपना क्षेत्र इन आतंकवादियों को सौंप देना चाहिए, बिल्कुल नहीं। 

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