थाईलैंड के बैंकॉक में पवित्र प्रदर्शनी के अंतिम दिन हजारों तीर्थयात्रियों ने भगवान बुद्ध और उनके दो शिष्यों के पवित्र अवशेषों को श्रद्धांजलि अर्पित की। विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि हमारी साझा विरासत और संस्कृति एक पुल है, जो एक विशेष बंधन बनाती है।
थाईलैंड के बैंकॉक में पवित्र प्रदर्शनी के अंतिम दिन हजारों तीर्थयात्रियों ने भगवान बुद्ध और उनके दो शिष्यों के पवित्र अवशेषों को श्रद्धांजलि अर्पित की। आखिरी दिन करीब दो लाख से अधिक लोगों शामिल हुए। बीते शनिवार को डेढ़ लाख से अधिक लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। गौरतलब है कि थाईलैंड की 90 प्रतिशत आबादी बौद्ध है।
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बौद्ध पवित्र अवशेषों को श्रद्धांजलि- जयशंकर
विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा करते हुए कहा कि थाईलैंड के श्रद्धालुओं ने भारत से आए बौद्ध पवित्र अवशेषों को श्रद्धांजलि दी। हमारी साझा विरासत और संस्कृति एक पुल है, जो एक विशेष बंधन बनाती है।
थाइलैंड के लोग पसंद है हिंदी सीखना- नागेश सिंह
भारत-थाइलैंड के संबंधों पर भारतीय राजदूत ने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार और आर्थिक संबंध बढ़ रहे हैं। यहां तक कि रक्षा और सुरक्षा सहयोग बहुत अच्छा है। थाईलैंड में बड़ी संख्या में भारतीय प्रवासी रहते हैं। वहां के लोग हिंदी सीखना पसंद करते हैं। भारत से थाईलैंड तक भगवान बुद्ध और उनके करीबी शिष्यों के पवित्र अवशेषों की यात्रा 22 फरवरी 2024 को शुरू हुई थी।