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Iceland: प्रतिष्ठित लीफ एरिकसन लूनर पुरस्कार से नवाजा गया इसरो, अंतरिक्ष में भारत की महारत को सराहा

Wed, 20 Dec 2023 10:31 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, रेक्याविक

सार

Iceland: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) को आइसलैंड के हुसाविक संग्रहालय ने प्रतिष्ठित लीफ एरिकसन लूनर पुरस्कार से नवाजा है। यह सम्मान विशेष रूप से चंद्रयान 3 मिशन के लिए दिया गया है।
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लीफ एरिकसन लूनर पुरस्कार - फोटो : भारतीय दूतावास, रेक्याविक/फेसबकु
आइसलैंड के हुसाविक संग्रहालय ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) को प्रतिष्ठित लीफ एरिकसन लूनर पुरस्कार से नवाजा है। यह सम्मान विशेष रूप से चंद्रयान 3 मिशन के लिए दिया गया है। इस दौरान चंद्रमा के लिए खोजी मिशन पर लगातार आगे बढ़ने और आकाशीय रहस्य बूझने में अहम योगदान के लिए इसरो के समर्पण और उत्साह को भी सराहा गया।
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इसरो की ओर से पुरस्कार ग्रहण करते राजदूत बालासुब्रमण्यम श्याम। - फोटो : भारतीय दूतावास, रेक्याविक/फेसबुक
यहां भारतीय दूतावास ने बताया कि राजदूत बालासुब्रमण्यम श्याम ने इसरो की ओर से यह पुरस्कार ग्रहण किया। इसरो अध्यक्ष एस सोमनाथ ने भी अपना संदेश भेजा। इसी तरह विदेश मंत्री एस जयशंकर ने लीफ एरिकसन लूनर सम्मान के लिए बुधवार को बयान जारी किया और इसरो को शुभकामनाएं दीं। जयशंकर ने कहा कि चंद्रयान 3 देश की प्रतिष्ठा को और बढ़ाता रहेगा। उल्लेखनीय है कि लीफ एरिक्सन को क्रिस्टोफर कोलंबस से 400 साल पहले अमेरिका महाद्वीप पर पहुंचने वाला यूरोपीय माना जाता है। उन्हीं के नाम पर यह सालाना पुरस्कार दिया जाता है।
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चंद्रयान 3 - फोटो : इसरो (फाइल)
चंद्रयान 3 और अंतरिक्ष में भारत की बढ़ती ताकत
  • 23 अगस्त को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर चंद्रयान 3 को उतारने वाला भारत दुनिया का पहला देश बना, चंद्रमा पर सफल सॉफ्ट लैंडिंग करवाने वाले भी हम अमेरिका, रूस और चीन के बाद चौथे देश बने।
  • चंद्र सतह पर सफल लैंडिंग के बाद लैंडर विक्रम और रोवर प्रज्ञान ने विभिन्न निर्देशित कार्य व परीक्षण अंजाम दिए।
  • लैंडर की सॉफ्ट लैंडिंग में अहम भूमिका निभाने के बाद प्रोपल्शन मॉड्यूल ने चंद्रमा की परिक्रमा कर अहम डाटा भेजे।
  • इसे वापस पृथ्वी की कक्षा में लौटाने का अनूठा परीक्षण भी सफलता से अंजाम दिया गया।
  • इस सफलता ने चंद्रमा की चट्टानों के सैंपल लाने के लिए भावी चंद्र मिशन में इसरो का आत्मविश्वास बढ़ाया।
  • चंद्रयान 3 के तुरंत भारत 2 सितंबर को भारत ने सूर्य के अध्ययन के लिए पहला मिशन आदित्य एल1 भेजा।
  • यह नए साल के पहले 10 दिनों में अपनी कक्षा में स्थापित हो सकता है।
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