रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अमेरिका की खिंचाई करते हुए कहा कि अफगानिस्तान में नए संकट के लिए अमेरिका और उसके सहयोगी जिम्मेदार हैं। पुतिन ने ब्रिक्स देशों से कहा कि उन्हें युद्धग्रस्त अफगानिस्तान को आतंकवाद और ड्रग्स तस्करी का अड्डा बनने से रोकने के लिए उस पर विशेष ध्यान देना होगा।
कहा, हम नहीं चाहते कि तालिबान राज के बाद लोग वहां से पलायन करें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हो रहे ब्रिक्स देशों के 13वें सम्मलेन में रूसी राष्ट्रपति ने कहा, रूस ब्रिक्स देशों के साझेदार की तरह ही अफगानिस्तान में बहुप्रतीक्षित शांति और स्थिरता के लिए सरकार की लगातार समर्थन करता है। उन्होंने कहा, अमेरिका और उसके सहयोगियों ने अफगानिस्तान से सेना की वापसी करके एक नए संकट को जन्म दे दिया है। यह अब भी स्पष्ट नहीं है कि यह संकट किस प्रकार क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा को प्रभावित करेगा।
अफगानिस्तान को आतंकवाद और नशीले पदार्थों की तस्करी का अड्डा नहीं बनना चाहिए
पुतिन ने पांच सदस्यीय देश के संगठन की बैठक में इस बात पर जोर दिया कि अफगानिस्तान को अपने पड़ोसी मुल्कों के लिए खतरा और आतंकवाद का स्रोत नहीं बनना चाहिए। इस युद्धग्रस्त देश के नागरिकों ने दशकों तक लड़ाई लड़ी है और उन्हें अपने देश को अपनी पसंद के मुताबिक बनाने या उसे परिभाषित करने का पूरा अधिकार है। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान में तालिबान राज कायम होने के बाद रूस नहीं चाहता है कि वहां से लोग पलायन करें।
वैश्विक मंच पर ताकतवर पहचान बन गए हैं ब्रिक्स देश : जिनपिंग
चीन के राष्ट्रपति शी जिंनपिंग ने कहा कि ब्रिक्स देश अंतरराष्ट्रीय मंच एक महत्वपूर्ण ताकत बन गए हैं। अब हमें अपनी चुनौतियों से निपटने और ब्रिक्स के मजबूत भविष्य के लिए साझा संसाधनों के आधार पर रणनीति बनानी होगी। चीनी राष्ट्रपति ने कहा कि पिछले 15 वर्षों में पांच देशों ने खुलापन, समावेशी और समानता की भावना से रणनीतिक संचार, राजनीतिक भरोसा और कूटनीतिक बातचीत को बढ़ाया है। एक-दूसरे का सम्मान किया है। साथ ही सामाजिक व्यवस्था बेहतर करने और विकास पथ पर आगे बढ़ने के लिए बातचीत का मजबूत रास्ता निकाला है।
शी ने कहा कि इस साल की शुरुआत से हमारे सहयोगी देश महामारी से उबरने की कोशिश कर रहे हैं। इस दौरान हमने व्यवहार्यता, नवाचार और सहयोग की भावना से कई क्षेत्रों में खूब तरक्की की है। हम अपने साझा विकास की यात्रा साथ-साथ कर रहे हैं। अगले साल 14वें ब्रिक्स सम्मेलन की मेजबानी चीन करेगा।
समूह ने दिखाई एकजुटता: रामाफोसा
दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति रामाफोसा ने कहा कि कोरोना को लेकर ब्रिक्स की एकजुटता ने दिखाया है कि जब हम एक साथ काम करते हैं तो क्या कुछ हासिल किया जा सकता है। ब्रिक्स देशों के रूप में हमें अपने लोगों के जीवन, आजीविका की रक्षा करना जारी रखना चाहिए और वैश्विक आर्थिक सुधार का समर्थन करना चाहिए।
ब्रिक्स नेताओं ने नई दिल्ली की घोषणा को अपनाया
ब्रिक्स देशों ने नई दिल्ली की उस घोषणा को अपना लिया, जिसमें आतंकवाद सहित सीमा पार से आतंकी गतिविधि, आतंकी फंडिंग नेटवर्क और उसके पनाहगाह के खिलाफ लड़ाई की प्रतिबद्धता जताई गई है।
प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में वर्चुअल बैठक के समापन पर ब्रिक्स सदस्यों ने 16 सूत्री नई दिल्ली घोषणा को स्वीकार कर लिया। पीएम मोदी के अलावा बैठक में ब्रिक्स देशों के नेता, ब्राजील के राष्ट्रपति जैर बोल्सेनारो, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सायरिल रामफोसा मौजूद रहे। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि अफगानिस्तान के घटनाक्रम पर भारत के विचारों का ब्रिक्स देशों ने समर्थन किया है। अफगानिस्तान को आतंकवाद या ड्रग्स की तस्करी के लिए इस्तेमाल नहीं होने देना चाहिए ताकि यह पड़ोसियों के लिए समस्या न बने।