फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चुनावी हस्तक्षेप: रूस का अमेरिका की कंपनियों पर आरोप, राजदूत को जारी किया समन

Sun, 12 Sep 2021 02:36 AM IST
देव कश्यप न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस, मॉस्को

सार

रूस और अमेरिका के बीच जारी विवाद एक बार फिर उभरकर सामने आ गया है। रूसी अधिकारियों ने अमेरिकी आईटी कंपनियों पर सितंबर में होने जा रहे संसदीय चुनावों में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया है। इतना ही नहीं रूसी विदेश मंत्रालय ने इस संबंध में अमेरिकी राजदूत जॉन सुलिवन को समन भी जारी कर दिया है।
विज्ञापन
Russian President Vladimir Putin and US President Joe Biden - फोटो : Twitter
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

रूस और अमेरिका के बीच जारी विवाद को एक बार फिर उस वक्त हवा मिली जब रूसी अधिकारियों ने अमेरिकी प्रौद्योगिकी कंपनियों पर सितंबर में होने जा रहे संसदीय चुनावों में दखल देने का आरोप लगाया। रूसी विदेश मंत्रालय ने इस संबंध में अमेरिकी राजदूत जॉन सुलिवन को समन करके रूसी उप-विदेश मंत्री सर्गेई रयाबकोव से मिलने को भी कहा है।

विज्ञापन


इससे पहले अमेरिका इस तरह के आरोप रूस पर लगाता रहा है। अमेरिका ने 2016 और 2020 के राष्ट्रपति चुनावों में रूस प्रशासन पर अमेरिकी चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने के आरोप लगाए थे। इस बार रूस ने उसी तरह के आरोप अमेरिका पर लगाए हैं। रूसी विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी करके कहा कि उसके पास इस बात के पुख्ता प्रमाण हैं कि अमेरिका स्थित बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियों ने आगामी चुनावों से पहले रूसी कानूनों का उल्लंघन किया है।

रूस ने हालांकि यह नहीं बताया कि ये कौन सी कंपनियां हैं और उन्होंने किस तरह के रूसी कानूनों का उल्लंघन किया है। लेकिन माना जा रहा है कि रूसी संसद (क्रेमलिन) के आलोचक एलेक्सी नवलनी के एप को एपल और गूगल ने अपने ऑनलाइन स्टोर से हटाने से इनकार कर दिया था जिसे रूस अपने देश के चुनाव में दखल मानता था। 
विज्ञापन


नवलनी के एप पर मतदान योजना के प्रचार का विरोध
रूस में राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन के आलोचक एलेक्सी नवलनी का मामला काफी गरमाया हुआ है। हालांकि रूसी कानून के मुताबिक उन्हें सजा मिली हुई है लेकिन उनका एप एक ऐसी रणनीतिक मतदान योजना का प्रचार कर रहा है जिसमें कहा जा रहा है कि वे सत्तारूढ़ यूनाइटेड रशिया पार्टी को परास्त कर सकते हैं। इस एप  को नवलनी के सहयोगी की भी मदद मिल रही है। जबकि रूस सरकार इसे देशद्रोह जैसा अपराध मानती है। इसी कारण उसने गूगल और एपल एप स्टोर से इसे हटाने की मांग की जिसे उन्होंने इनकार कर दिया।

बाइडन-पुतिन मुलाकात से थमा था विवाद
हाल ही में रूस और अमेरिका के राष्ट्रपतियों की आमने-सामने हुई मुलाकात से दोनों देशों के बीच विवादों में नरमी दिखाई दी थी लेकिन रूस ने एक बार फिर अपने देश के चुनाव में इसे मुद्दा बना लिया है। इससे पहले अमेरिका भी अपने यहां होने वाले चुनावों में रूस पर आरोप लगाता रहा है। हालांकि अमेरिका ने इस विवाद को लेकर रूस के कई राजनयिकों को अपने देश से भी निकाला था लेकिन इस विवाद पर बाइडन और पुतिन की मुलाकात के बाद विराम लग गया था।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें