सार
BRICS: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ब्रिक्स को उभरती वैश्विक व्यवस्था के प्रमुख सिद्धातों में से एक बताया है। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स एक ऐसी व्यवस्था है, जिसमें सभी देशों के हितों का ध्यान रखा जाता है।
अक्तूबर महीने में रूस के कजान शहर में ब्रिक्स (BRICS) सम्मेलन का आयोजन होने जा रहा है। इसे लेकर राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कुछ अहम बातें बताईं। पुतिन ने ब्रिक्स को उभरती वैश्विक व्यवस्था के प्रमुख सिद्धातों में से एक बताया है। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स एक ऐसी व्यवस्था है, जिसमें सभी देशों के हितों का ध्यान रखा जाता है। आपको बता दें कि पुतिन ने ब्रिक्स सम्मेलन के लिए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी आमंत्रित किया है।
ब्रिक्स तेजी से उभरता हुआ मंच है- पुतिन
सेंट पीटर्सबर्ग में ब्रिक्स के संसदीय मंच को संबोधित करते हुए व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि ब्रिक्स में रूस की वर्तमान अध्यक्षता का मुख्य उद्देश्य, सभी सदस्य देशों के विकास के लिए सही परिस्थितियां तैयार करना है। पुतिन के अनुसार, ‘वैश्विक दक्षिण और वैश्विक पूर्व के साथ साथ दुनिया की उम्मीदों को पूरा करने के लिए ब्रिक्स एक तेजी से उभरता हुआ मंच है। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स से जुड़ने की उम्मीद रखने वाले सभी देशों के साथ सहयोग को मजबूत किया जाएगा।
ब्रिक्स के सदस्य देशों की संख्या दस हो गई है
इस वर्ष रूस ब्रिक्स की अध्यक्षता करने जा रहा है। ब्रिक्स में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका पहले से शामिल हैं। इसके अलावा सऊदी अरब, ईरान, इथियोपिया, मिस्र, अर्जेंटीना और संयुक्त अरब अमीरात भी ब्रिक्स के नए सदस्यों के रूप में शामिल हुए हैं। इसे लेकर पुतिन ने कहा कि अब ब्रिक्स के सदस्य देशों की संख्या दस हो गई है। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स में शामिल प्रत्येक सदस्य देश, स्वतंत्र रूप से प्राचीन संस्कृति और परंपराओं का पालन करते हैं।
पश्चिमी देशों पर पुतिन का निशाना
ब्रिक्स पर पश्चिमी देशों की भी नजर बनी हुई है। इसे लेकर पुतिन ने कहा कि पश्चिमी देशों ने अंतरराष्ट्रीय कानूनों के बजाय अपने ही नियम तैयार किए हैं। उन्होंने इसकी तुलना उपनिवेशवाद से की। पुतिन ने कहा,’ऐसे देश अपनी ही जनता के हितों के खिलाफ काम कर रहे हैं। वे जनता पर ऐसे आदेशों को थोपने की कोशश कर रहे हैं, जिन्हें कभी किसी ने स्वीकर नहीं किया।’