फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पेशावर आतंकी हमला: सुप्रीम कोर्ट ने इमरान खान पर दागे सवाल, पूछा- दोषियों से क्यों बात कर रही है सरकार

Wed, 10 Nov 2021 05:07 PM IST
गौरव पाण्डेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद

सार

साल 2014 में पेशावर के आर्मी पब्लिक स्कूल में हुए आतंकी हमले को लेकर पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने इमरान खान सरकार को जमकर फटकार लगाई है।
विज्ञापन
प्रधानमंत्री इमरान खान - फोटो : एएनआई (फाइल)
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को साल 2014 में सेना संचालित एक स्कूल पर हुए आतंकी हमले को लकर सवालों की झड़ी लगा दी। अदालत की पीठ ने प्रधानमंत्री इमरान खान से पूछा कि लगभग 150 लोगों की जान लेने वाले इस नरसंहार के दोषियों के साथ वह बातचीत क्यों कर रहे हैं।

विज्ञापन


पेशावर में स्थित आर्मी पब्लिक स्कूल पर 2014 में हुए इस आतंकी हमले में कुल 147 लोगों की जान गई थी। इनमें 132 बच्चे शामिल थे। यह हमला तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के आतंकियों ने किया था। पाकिस्तान सरकार इसी प्रतिबंधित आतंकी संगठन के साथ इस समय बातचीत कर रही है।





मुख्य न्यायाधीश गुलजार अहमद की अध्यक्षता वाली पीठ ने सुबह करीब 10 बजे इमरान खान को समन भेजा था। वह इसके करीब दो घंटे बाद पीठ के सामने पेश हुए। इस पीठ में मुख्य न्यायाधीश के अलावा न्यायाधीश मोहम्मद अमीन अहमद और न्यायाधीश इजाजुल अहसन भी शामिल रहे।
विज्ञापन


इमरान खान को संबोधित करते हुए मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि उन अभिभावकों की संतुष्टि जरूरी है जिन्होंने इस हमले में अपने बच्चों को खो दिया था। उन्होंने प्रधानमंत्री खान से कहा कि इस मामले में सरकार ने अभी तक क्या-क्या कार्रवाई की है इसके बारे में सर्वोच्च अदालत को अवगत कराएं।

मुख्य न्यायाधीश ने प्रधानमंत्री से यह भी कहा कि एपीएस हमले के पीड़ित सरकार से किसी मुआवजे की मांग नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'अभिभावक यह पूछ रहे हैं कि उस दिन सुरक्षा व्यवस्था कहां थी? हमारी ओर से विस्तृत निर्देश जारी किए जाने के बाद भी इस ओर कुछ भी नहीं किया गया।'

इस पर प्रधानमंत्री खान ने मुख्य न्यायाधीश को बताया कि एपीएस हमले के बाद एक राष्ट्रीय कार्य योजना पेश की गई थी। पीठ ने उनसे कहा कि सरकार को एपीएस हमले में जान गंवाने वाले बच्चों के माता-पिताओं की बात सुननी चाहिए और इस नरसंहार के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।

टीटीपी से सिर्फ संघर्ष विराम पर चर्चा की : मंत्री
पाक के सूचना प्रसारण मंत्री फवाद चौधरी ने कहा है कि इमरान सरकार ने प्रतिबंधित टीटीपी के साथ बातचीत में सिर्फ संघर्ष विराम पर चर्चा की है। उन्होंने कहा, इस वार्ता में स्थानीय लोगों को भी शामिल किया गया है। मंत्री ने सफाई दी कि सरकार हिंसा छोड़कर संविधान को अपनाने के इच्छुक आतंकियों को एक मौका देना चाहती है। चौधरी ने कहा, देश में शांति कायम करना सरकार की जिम्मेदारी है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें