सऊदी अरब में महिला अधिकारों के लिए जंग लड़ रहीं लुजैन अल हथलौल को तीन साल बाद जेल से रिहा कर दी गईं। हथलौल ने आरोप लगाए हैं कि जेल में उसे यौन प्रताड़ना दी गई व अत्याचार किए गए। हालांकि रियाद ने इन आरोपों का खंडन किया है। आइये जानते हैं कौन लुजैन और तमाम पाबंदियों के बीच वह कैसे बनी हैं सऊदी अरब में बदलाव का चेहरा।
महिलाओं ड्राइविंग का हक दिलाया, चुनाव लड़ीं
लुजैन को मार्च 2018 में गिरफ्तार कर सऊदी अरब की रियाद जेल में डाल दिया गया था। उनके साथ दर्जनों अन्य महिला अधिकारवादी कार्यकर्ताओं को भी जेल में डाला गया था। लुजैन ने सऊदी अरब में महिलाओं की दशा सुधारने में अग्रणी भूमिका निभाई। उन्होंने महिलाओं को वाहन चलाने के अधिकार दिलाए तो 2015 में म्यूनसिपल चुनाव लड़ा। ऐसा करने वाली वह पहली सऊदी महिला थीं। हालांकि बगैर कारण बताए उन्हें चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित किया गया। इसके खिलाफ उन्होंने आंदोलन खड़ा कर दिया। आखिरकार चुनाव लड़ने की आजादी मिली और 20 महिलाएं नगर निगम परिषद का चुनाव जीतीं।
महिलाओं को ड्राइविंग का हक दिलाने के लिए लुजैन ने नियम तोड़ते हुए यूएई से सऊदी अरब तक कार चलाई थी। हालांकि उसे सऊदी सीमा के निकट गिरफ्तार कर 73 दिन के लिए जेल भेज दिया गया था। लेकिन उनकी इस पहल का नतीजा यह हुआ कि सऊदी सरकार ने 2018 में महिलाओं की ड्राइविंग पर रोक हटा दी।
विवाह सुधार कराए
लुजैन की ही पहल के कारण सऊदी अरब में विवाह सुधार कानून बना। इससे पहले बगैर किसी पुरुष रिश्तेदार की सहमति प्राप्त किए युवतियां किसी युवक से शादी नहीं कर सकती थीं। इसी तरह हर वक्त पुरुषों के संरक्षण में रहने के सउदी अभिभावक कानून से भी मुक्ति मिली। सऊदी अरब में कामकाज, भ्रमण, वित्तीय काम, कानून व स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में किसी पुरुष रिश्तेदार का साथ होना या उसकी अनुमति होना जरूरी था। 2019 में यह कानून खत्म हुआ।
1001 दिन जेल में रहीं, जेल में दी गई यौन प्रताड़ना
लुजैन 1001 दिन जेल में रहीं जिनमें उन्हें सुनवाई पूर्व हिरासत में अधिक रहना पड़ा। उन पर बदलाव के लिए आंदोलन करने और विदेशी एजेंडे को आगे बढ़ाने जैसे आरोप लगाए गए। उन्होंने अपने परिवार को बताया कि जेल में उन्हें प्रताड़ित किया गया और उनके साथ यौन दुर्व्यवहार हुआ। हालांकि सऊदी अरब ने इन आरोपों से इनकार किया है। उन्हें हिरासत में लिए जाने की संयुक्त राष्ट्र और वैश्विक मानवाधिकार समूहों ने निंदा की थी।
तीन साल तक रहेगी पाबंदी
लुजैन के परिवार के बयान के अनुसार, जेल से रिहा होने के बाद भी लुजैन हथलौल तीन साल के लिए परिवीक्षा (प्रोबेशन) पर रहेंगी। इस दौरान उन्हें किसी भी अवैध गतिविधि के लिए गिरफ्तार किया जा सकता है। उन्हें घर में कैद रहना होगा, वह पांच साल तक यात्रा भी नहीं कर सकेगी।
बाइडन ने डाला था दबाव
लुजैन की रिहाई ऐसे समय पर हुई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन ने सऊदी अरब पर महिला व मानवाधिकारों के रिकॉर्ड में सुधार करने का दबाव डालने का संकल्प लिया था।