जम्मू-कश्मीर में तैनात सुरक्षाबल
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अमेरिका के कश्मीरी पंडित समुदाय ने जम्मू-कश्मीर में आतंकियों द्वारा हाल ही में आतंकवादियों द्वारा की गई टारगेट किलिंग की निंदा की है। उन्होंने भारत सरकार से आग्रह किया कि वह राज्य के अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए।
कश्मीरी पंडित समुदाय ने वॉशिंगटन के नेशनल मॉल में दो दिनी कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें सहभागियों ने टारगेट किलिंग को वीभत्स बताते हुए कहा कि पाकिस्तान आतंकियों को बढ़ावा दे रहा है। वही उन्हें हथियार व अन्य संसाधन भी मुहैया करा रहा है।
वॉशिंगटन डीसी क्षेत्र के कश्मीरी पंडिट एक्टिविस्ट डॉ. शकुन मलिक ने कहा कि पाकिस्तान स्थित आतंकियों द्वारा कश्मीर घाटी में अल्पसंख्यकों की हत्याएं रोकने की जरूरत है। भारत सरकार को स्थानीय अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के कदम अवश्य उठाना चाहिए, जो कि भविष्य में भी टारगेट पर रह सकते हैं।
इस माह आतंकियों ने अलग अलग वारदातों में दो शिक्षकों, एक दवा कारोबारी और पांच प्रवासी श्रमिकों समेत 11 लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी है। अमेरिका निवासी कश्मीरी पंडितों ने एक बयान जारी कर कहा कि दवा कारोबारी माखन लाल बिंदरू की हत्या ने 1990 के दशक की यादें ताजा कर दी हैं। उस वक्त पांच लाख से ज्यादा कश्मीरियों को घाटी छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा था। बिंदरू, एक प्रसिद्ध कश्मीरी पंडित थे और श्रीनगर की लोकप्रिय दवा दुकान के मालिक थे। इस माह के आरंभ में उनकी हत्या कर दी गई थी।
22 अक्तूबर 1947 को पाकिस्तान ने किया था कश्मीर पर हमला
अमेरिका में रह रहे कश्मीरी पंडितों ने वॉशिंगटन के नेशनल मॉल में यह दो दिनी कार्यक्रम 22 अक्तूबर 1947 को पाकिस्तान द्वारा कश्मीर पर किए गए हमले को याद करते हुए आयोजित किया। पाकिस्तान ने तब 'ऑपरेशन गुलमर्ग' चलाकर कश्मीर घाटी के मुस्लिम बहुल होने को लेकर कब्जे का प्रयास किया था, जिसमें उसे मुंह की खानी पड़ी थी। उसके बाद से पाकिस्तान कश्मीर में घुसपैठ कराकर भारत के खिलाफ छाया युद्ध जारी रखे हुए है।