न्यूज वेबसाइट एक्सियोस.कॉम के मुताबिक बाइडन प्रशासन के एक अधिकारी ने अपना नाम गुप्त रखने की शर्त पर बताया कि साइबर हमलों को लेकर अमेरिका की रूस के साथ भी बातचीत चल रही है। लेकिन ये बातचीत विशेषज्ञों के स्तर पर है। इसकी शुरुआत इस साल के मध्य में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की जिनेवा में हुई शिखर वार्ता के बाद हुई थी। उसी शिखर बैठक में इस बारे में दोनों राष्ट्रपतियों के बीच सहमति बनी थी। अधिकारी ने कहा कि रूसी विशेषज्ञों के साथ दो टूक बातचीत हुई है। लेकिन अमेरिका को अभी यह इंतजार है कि रूस अपने यहां क्या कदम उठाता है।
अमेरिका में अभी जो सम्मेलन चल रहा है, उसमें ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, डॉमिनिकल रिपब्लिक, यूरोपियन यूनियन, नाईजीरिया, दक्षिण कोरिया, दक्षिण अफ्रीका, यूक्रेन, यूएई और कुछ अन्य देशों के अधिकारी भाग ले रहे हैं। अमेरिकी अधिकारियों ने सम्मेलन के एजेंडे या वहां हो रही चर्चा के बारे में कोई जानकारी देने से इनकार किया है। उन्होंने सिर्फ इतना कहा है कि ये सम्मेलन सिर्फ यह रेखांकित करता है कि रैनसमवेयर हमले कितना खतरनाक रूप ले चुके हैं और उससे विभिन्न देश कितना चिंतित हैं।
बीती जुलाई में राष्ट्रपति बाइडन ने एक राष्ट्रीय सुरक्षा दस्तावेज पर दस्तखत किए था, जिसके जरिए अमेरिका की सुरक्षा एजेंसियों को साइबर हमलों का मुकाबला करने की क्षमता विकसित करने का आदेश दिया गया। हाल में बाइडन प्रशासन ने क्रिप्टो करेंसी के जरिए फिरौती चुकाने को अवैध घोषित कर दिया। अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन को इन्हीं कदमों की अगली कड़ी समझा जा रहा है।