जानकारों ने इस जांच को चीन के आर्थिक और वित्तीय क्षेत्र में भविष्य में बड़ी हलचल का संकेत माना है। इसके परिणामस्वरूप कई बड़े अधिकारी निशाने पर आ सकते हैं। चीन के सरकारी सूत्रों का कहना है कि ये जांच कॉरपोरेट अधिकारियों और उनकी मिलीभगत से काम करने वाले सरकारी अधिकारियों के भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार के सख्त रुख का संकेत है।
इस साल के आरंभ में चीन की सरकारी संस्था हुआरोंग असेट मैनेजमेंट के पूर्व अध्यक्ष को कोर्ट ने मौत की सजाई सुनाई थी। उन पर घूस लेने का आरोप था। उधर चाइना डेवलपमेंट बैंक के पूर्व अध्यक्ष हू हुआईबांग को उम्र कैद सुनाई गई। तब बताया गया था कि उन पर एक करोड़ 32 लाख डॉलर घूस लेने का आरोप साबित हुआ है। बताया जाता है कि इन मामलों के सामने आने के बाद सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी के भीतर वित्तीय संस्थानों की एक समग्र जांच की मांग उठने लगी। अब इसका एलान कर दिया गया है।
इस एलान का पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना, स्टेट एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ फॉरेन एक्सचेंज, सॉवरेन वेल्थ फंड चाइना इन्वेस्टमेंट और हुआरोंग मैनेजमेंट के अधिकारियों ने सार्वजनिक बयान जारी कर स्वागत किया है। पर्यवेक्षकों का कहना है कि चीन में सरकार जो भी फैसला ले, उसके प्रति समर्थन जताना एक आम चलन है। इसलिए अधिकारियों ने जांच में सहयोग करने की घोषणा की है।