शुरुआत में इस फंड में दस करोड़ डॉलर जुटाने का लक्ष्य रखा गया है। इस धन से निम्न और मध्य आय वर्ग वाले देशों में स्वतंत्र मीडिया संस्थान खड़ा करने की कोशिश की जाएगी। संस्थापकों ने उम्मीद जताई है कि 2022 में ऐसे पहले संस्थान अस्तित्व में आ जाएंगे।
बताया जाता है कि कई परोपकारी संगठनों और व्यक्तियों ने फंड के लिए चंदा देने का वादा किया है। उनमें अमेरिका सरकार से जुड़ी एजेंसी नेशनल एडॉवमेंट फॉर डेमोक्रेसी भी है। संस्थापकों ने कहा है कि वे इस पहल को आगे बढ़ाने के लिए कई देशों की सरकारों, बड़ी टेक कंपनियों, कॉरपोरेट सेक्टर, विकास के लिए अनुदान देने वाली एजेंसियों और परोपकारी संगठनों से संपर्क करेंगे।
थॉम्पसन ने कहा है कि स्वतंत्र मीडिया द्वारा निर्भय पत्रकारिता लोकतंत्र का एक अनिवार्य स्तंभ है। रेसा ने कहा है- अगर आप लोगों को लोगों को झूठ पर यकीन करने के लिए तैयार कर लें, तो आप उन पर पूरा नियंत्रण कायम कर सकते हैं। रेसा ने कहा कि अभी दुनिया में ऐसा ही हो रहा है।
लेकिन कई आलोचकों ने सवाल उठाया है कि अगर अमेरिकी सरकार से जुड़ी एजेंसी, अन्य देशों की सरकारें और कॉरपोरेट सेक्टर भी इस नई पहल का हिस्सा बनेंगे, तो मौजूदा और इस नए मीडिया में क्या वास्तविक फर्क रह जाएगा।