प्रधानमंत्री इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के पाकिस्तान की सत्ता में तीन साल पूरे कर लिए हैं और इसी की खुशी मनाते हुए उन्होंने इस्लामाबाद के जिन्ना कन्वेंशन सेंटर में अपने पार्टी के प्रदर्शन की समीक्षा रिपोर्ट पेश की।
पीएम इमरान ने अपने पांच साल के कार्यकाल के पहले तीन वर्षों में आर्थिक मोर्चे पर अपनी सरकार की सराहना की। उन्होंने आर्थिक मोर्चे पर विवरण देते हुए कहा कि पाकिस्तान दिवालिया होने की तरफ बढ़ रहा था।
उन्होंने कहा कि हमारे पास ऋणों को निपटाने के लिए कोई पूंजी नहीं थी। हमारे पास कोई विदेशी मुद्रा नहीं थी। हमें जो चालू खाता घाटा हुआ वह 20 बिलियन डॉलर का था। अगर सऊदी अरब, चीन और यूएई ने उस समय हमारी मदद नहीं की होती, तो हमारी मुद्रा में और गिरावट आती और हमें काफी नुकसान होता।
प्रधानमंत्री इमरान ने कहा कि जब तक आप संघर्षों से नहीं गुजरते, आप कुछ बड़ा नहीं कर सकते। कोई भी नेता शॉर्टकट से बड़ा नहीं होता। कायदे आजम एक बड़े नेता थे। उन्होंने अपने जीवन में संघर्ष किया और लोग उन्हें हमेशा याद रखेंगे।
इस मौके पर इमरान भारत पर निशान साधना नहीं भूले, उन्होंने पुलवामा घटना के बाद झगड़े का उल्लेख किया और अपने सशस्त्र बलों को उनके हिस्से के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि मैं अपनी देश की सेना और वायुसेना की सराहना करता हूं। उन्होंने कहा कि जैसे ही भारतीय लड़ाकू जेट हमारे क्षेत्र में आए और एक आक्रमण शुरू किया, हमें अपनी सेना की शक्ति का एहसास हुआ।
रिपोर्ट में कहा गया है कि कोरोनो वायरस महामारी के मद्देनजर वैश्विक आर्थिक मंदी के बावजूद पीटीआई सरकार ने जो उपलब्धियां हासिल की हैं, वह सराहनीय है। रिपोर्ट करीब 251 पेज लंबी थी इसमें सभी आंकड़ों को रेखांकित किया गया है।
रिपोर्ट के लॉन्च का जिक्र करते हुए, सूचना और प्रसारण मंत्री फवाद चौधरी ने कहा कि पीटीआई राष्ट्र के लिए पिछले तीन वर्षों के अपने प्रदर्शन को गर्व से पेश करेगी। विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि अतीत में पाकिस्तान में कितनी सरकारें जवाबदेह रही हैं। साथ ही कहा जिन लोगों ने तीस साल तक शासन किया, वे अपना मुंह छिपा रहे हैं।