24 वर्षीय इंजीनियरिंग जुबैर ने बताया, दोनों धमाके जहां हुए, उनसे करीब 50 मीटर दूर था। धमाके के बाद महिलाएं और बच्चे चीख रहे थे। मैंने कई घायल महिलाओं, बच्चों को निजी वाहनों में से अस्पताल ले जाते देखा।
काबुल हवाईअड्डे से लगे जिस नाले से होते हुए लोग अंदर घुसकर विमान से दूसरे देश सुरक्षित जाने की कोशिश कर रहे थे, धमाकों के बाद उसी नाले में लाशों और घायलों का अंबार लग गया था। एक दिन पहले ही जारी वीडियो में दिखाया गया था कि नाले के पास किस तरह लोगों का हुजूम लगा है। आज लोग पानी में अपनों को तलाश रहे थे।
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हवाईअड्डे के बाहर पत्रकारों द्वारा बनाए वीडियो में चारों तरफ लाशें ही बिखरी नजर आती हैं। नाले में खून से सनी लाश और घायल जहां-तहां पड़े हैं। लोग नाले से शव निकालते देखे जा रहे हैं। दोनों धमाके हवाईअड्डे के बाहर लगी भीड़ के बीच ही किए गए। लिहाजा बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे भी घायल हुए हैं।
हवाईअड्डे पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शी जमशेद ने बताया कि वह भी देश से बाहर निकलने की उम्मीद में यहां आया था। आत्मघाती हमला बहुत शक्तिशाली था। 24 वर्षीय इंजीनियरिंग जुबैर ने बताया, दोनों धमाके जहां हुए, उनसे करीब 50 मीटर दूर था। धमाके के बाद महिलाएं और बच्चे चीख रहे थे। मैंने कई घायल महिलाओं, बच्चों को निजी वाहनों में से अस्पताल ले जाते देखा।
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कई वीडियो फुटेज से साफ है कि मरने वालों और घायलों की संख्या बताए गए आंकड़ों से ज्यादा है। इटली की कल्याणकारी संस्था से संचालित एक सर्जिकल अस्पताल ने ही बताया कि उसके यहां 60 घायलों का इलाज चल रहा है।