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सरकार की सफाई: मजबूत रिपोर्टिंग व्यवस्था के चलते मौतों का आंकड़ा छिपाना असंभव

Fri, 23 Jul 2021 05:58 AM IST
Jeet Kumar एजेंसी, नई दिल्ली।

सार

स्वास्थ्य मंत्रालय के बयान के मुताबिक, रिपोर्टों में मान लिया गया है कि मृत्यु दर के सभी आंकड़े कोरोना से जुड़े हैं जबकि यह धारणा तथ्यात्मक रूप से गलत और पूरी तरह भ्रामक है।
 
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सांकेतिक तस्वीर.... - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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भारत में कोरोना से मौतों के आंकड़े को छिपाने का दावा करने वाली मीडिया रिपोर्टों का सरकार ने खंडन किया है। केंद्र कहना है कि देश में मजबूत रिपोर्टिंग व्यवस्था के चलते मरने वालों की संख्या कम करके दिखाना असंभव है।

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बृहस्पतिवार को स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा, भारत में मजबूत और कानून आधारित मृत्यु पंजीकरण प्रणाली के कारण मौतों की संख्या को कम करना या छोड़ना संभव नहीं है। हालांकि, हो सकता है कि संक्रामक रोग के सिद्धांत और उसके प्रबंधन के कारण कुछ मामलों का पता न चल पाया हो।

अमेरिका-यूरोप के आधार पर कर ली भारत की भी गणना
स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है, हाल ही में कुछ मीडिया रिपोर्टों में आरोप लगाया गया कि देश में महमारी से मरने वालों की संख्या लाखों में हो सकती है और आधिकारिक रूप से इन्हें काफी कम करके बताया गया है। लेकिन असल में इन रिपोर्टों में अमेरिका और यूरोप की आयु-विशेष संक्रमण मृत्यु दर का उपयोग भारत में सीरो पॉजिटिविटी के आधार पर अधिक मौतों की गणना के लिए किया गया है।
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मंत्रालय ने कहा, रिपोर्टों में मौतों का बाह्य आकलन (एक्स्ट्रापलेशन) इस धारणा पर किया गया है कि किसी भी संक्रमित व्यक्ति के मरने की संभावना सभी देशों में समान है जबकि इसके लिए विभिन्न प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कारकों को भुला दिया गया। मसलन, नस्ल, जातीयता, आबादी का जीनोमिक संघटन और वहां के लोगों में प्रतिरक्षा पर गौर नहीं किया गया।

जन्म-मृत्यु के पंजीयन की मजबूत व्यवस्था मौजूद
मंत्रालय के मुताबिक, देश में जिलेवार कोरोना मामलों और मौतों के आंकड़ों की रिपोर्टिंग प्रक्रिया मजबूत करने पर लगातार जोर दिया गया है। साथ ही राज्यों को उनके अस्पतालों की नियमित ऑडिट करने की सलाह भी दी गई है ताकि मामलों या मौत का आंकड़ा न छूट पाए।

स्वास्थ्य मंत्री का कहना है कि मजबूत कानून आधारित नागरिक पंजीयन प्रणाली (सीआरएस) देश में सभी जन्म और मृत्यु का पंजीयन सुनिश्चित करती है।

जिले से केंद्र तक पहुंचता है आंकड़ा
मंत्रालय ने राज्यसभा में स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया के बयान का हवाला देते हुए कहा है कि केंद्र सरकार राज्यों से भेजा गया आंकड़ा ही दिखाती और प्रकाशित करती है। देशभर में रोजाना नए मामलों और मौतों का आंकड़ा निचले स्तर से ऊपर पहुंचता है। सबसे पहले जिले राज्य सरकारों को आंकड़े देते हैं, जो बाद में केंद्रीय मंत्रालय तक आते हैं।

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