इटली के राष्ट्रपति मारियो द्राघी ने गरीब देशों के लिए वैक्सीन आपूर्ति बढ़ाने की मांग के साथ दुनिया के सबसे शक्तिशाली देशों जी20 के सम्मेलन की शनिवार को शुरुआत की। उन्होंने कहा, वैश्विक स्तर पर वैक्सीन आपूर्ति की बड़ी खाई नैतिक रूप से अस्वीकार्य है। जी20 के दो दिनी सम्मेलन का मेजबान इस बार इटली ही है।
द्राघी ने कहा, दुनिया के गरीब देशों में सिर्फ 3 प्रतिशत आबादी को वैक्सीन का कम से कम एक डोज लगा है जबकि अमीर देशों में 70 प्रतिशत से अधिक आबादी को कम से कम एक डोज लग चुका है। उन्होंने कहा, ये खाई नैतिक रूप से अस्वीकार्य है और महामारी से लड़ाई को कमजोर कर रही है। द्राघी अर्थशास्त्री और यूरोपीय सेंट्रल बैंक के प्रमुख रह चुके हैं।
बैठक में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैन्युअल मैक्रों ने संकल्प लिया कि इस सम्मेलन का इस्तेमाल वह अपने साथी यूरोपीय नेताओं से गरीब देशों को उदारतापूर्वक वैक्सीन दान करने के लिए दबाव बनाने में करेंगे। लेकिन सिविल सोसायटी के पैरोकार, जो जी20 के अधिकारियों के साथ इस बैठक के शुरू होने से पहले से वार्ता कर रहे हैं, दान के इस दृष्टिकोण को संदेह की निगाह से देख रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस साल पूरी दुनिया में 40 प्रतिशत टीकाकरण और अगले साल 70 प्रतिशत का लक्ष्य निर्धारित किया है।
100 अरब डॉलर अफ्रीका के लिए रखने की उम्मीद....
मैक्रों ने पत्रकारों से कहा, उम्मीद है कि जी20 अफ्रीका की अर्थव्यवस्था को उबारने के लिए 100 अरब डॉलर की अतिरिक्त राशि मंजूर करेगा। ये पैसा आईएमएफ के फॉरेन एक्सचेंज टूल से विशेष निकासी अधिकार के तहत निकाले जाने योग्य 650 अरब डॉलर का हिस्सा होगा।
भारत 2022 तक कोविड की 5 अरब वैक्सीन बनाने के लिए तैयार : मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को जी20 बैठक में कोरोना महामारी से लड़ने में भारत की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा है कि दुनिया की मदद करने के लिए भारत अगले साल यानी 2022 के अंत तक 5 अरब वैक्सीन डोज का उत्पादन करने के लिए तैयार है। बैठक में मोदी के संबोधन के बारे में मीडिया को जानकारी देते हुए विदेश सचिव हर्षवर्धन शृंगला ने बताया, जी20 बैठक के ‘ग्लोबल इकोनॉमी ग्लोबल हेल्थ’ सत्र के दौरान हस्तक्षेप करते हुए पीएम ने अंतरराष्ट्रीय यात्रा को सुगम बनाने और वैक्सीन प्रमाणीकरण को आपसी मंजूरी देने की व्यवस्था बनाने का सुझाव भी दिया।
विश्व स्वास्थ्य संगठन में भारत निर्मित कोवाक्सिन को इमरजेंसी मंजूरी अब तक लंबित होने को रेखांकित करते हुए भारत ने सुझाव दिया है कि इस वैक्सीन को मंजूरी मिलने से भारत दूसरे देशों की भी मदद कर सकता है। मोदी ने अपने संबोधन में दुनिया के 150 देशों को महामारी के दौरान मेडिकल सहायता की आपूर्ति और वैश्विक आपूर्ति शृंखला को बनाए रखने का उल्लेख भी किया।
यूएन ने टीकों में असमानता पर लिया आड़े हाथों
संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने कोरोना से लड़ने के लिए वैश्विक टीकाकरण में बाधा डालने के लिए भू-राजनीतिक विभाजन को दोषी ठहराया। उन्होंने कहा, एक ओर अमीर देशों के लोगों को टीके की तीसरी खुराक मिल रही है तो दूसरी तरफ महज पांच फीसदी अफ्रीकियों का ही पूर्ण टीकाकरण हो पाया है। टीकों में असमानता के मद्देनजर ब्रिटेन के पीएम बोरिस जॉनसन ने विकासशील देशों को दो करोड़ टीके दान देने का एलान किया।
न्यूनतम कॉर्पोरेट टैक्स सबके लिए खुशखबरी
जी-20 बैठक में 15 फीसदी वैश्विक न्यूनतम कॉर्पोरेट टैक्स पर आम सहमति सभी देशों के लिए बड़ी खुशखबरी के रूप में सामने आई है। इसके लिए आर्थिक महाशक्तियां आर्थिक सहयोग व विकास संगठन (ओईसीडी) समझौते का समर्थन करने जा रही हैं। रविवार को इसके मसौदा निष्कर्षों को औपचारिक तौर पर स्वीकृत किया जाएगा। समझौते के नियम वैश्विक स्तर पर 2023 से लागू हो जाएंगे। इसका मकसद बहुराष्ट्रीय कंपनियों को उन देशों में अपना लाभ छिपाने से रोकना है, जहां वे बहुत कम या कर नहीं चुकाती हैं। व्हाइट हाउस ने इस कदम को गेमचेंजर बताते हुए सराहना की है।
आज ग्लासगो में जलवायु परिवर्तन पर चर्चा
ब्रिटेन के ग्लासगो में जलवायु परिवर्तन पर होने वाले संयुक्त राष्ट्र के कॉप26 सम्मेलन में भारत का जोर कार्बन उत्सर्जन घटाने पर रहेगा। सम्मेलन 31 अक्तूबर से 12 नवंबर तक होगा, जिसमें दुनिया के 120 देशों के शासन प्रमुख या उनके प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। सम्मेलन की अध्यक्षता ब्रिटेन और इटली करेंगे।