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महान वैज्ञानिक स्टीफन ने कहा था- दुनिया में विकलांगता जैसी कोई चीज नहीं

Wed, 14 Mar 2018 01:58 PM IST
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
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Stephen Hawking
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स्टीफन विलियम हॉकिंग ने दुनिया को अपने कई शोधों से बार बार चौंकाया। वह इतने हिम्मती थे कि डॉक्टरों द्वारा जिंदगी के दो साल बताए जाने के बाद उन्होंने अपनी मौत को कई बार धोखा दिया। और बुधवार को 76 साल की उम्र में इस दुनिया को छोड़ कर चले गए।  स्टीफन का जन्म 8 जनवरी 1942 को इंग्लैंड के ऑक्सफोर्ड में हुआ था। बचपन से मेधावी स्टीफन ने सोच लिया था कि वह अंतरिक्ष वैज्ञानिक बनना चाहते थे। उन्होंने 20 वर्ष की आयु में कैंब्रिज कॉस्मोलॉजी विषय को शोध के लिए चुना और इस विषय पर पीएचडी भी की। 
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महज 21 वर्ष की उम्र में हॉकिंग की छाप विश्वविद्यालय में पड़ने लगी थी। उसकी आंखों में सैकड़ों सपने थे। लेकिन एक दिन जब छुट्टियों में घर पर थे और सीढ़ियां उतर रहे थे तभी उन्हें बेहोशी का एहसास हुआ और वो नीचे गिर गए। 

डॉक्टरों ने एक गंभीर बीमारी होने के संकेत दिए। मोटोर न्यूरॉन एक गंभीर और असाध्य बीमारी का पता चला जिसमें शरीर लकवाग्रस्त हो जाता है और सारे अंग धीरे धीरे काम करना बंद कर देता है। उनकी उम्र महज दो साल ही बताई गई..लेकिन मौत को मात देते हुए हॉकिंग ने 50 साल से ज्यादा जिंदगी जी।
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मेरी बीमारी के कारण की मैं एक बेहतरीन वैज्ञानिक बन पाया हूं

Hawking visit
हॉकिंग पर हॉलिवुड में फिल्म भी बनी जिसके लिए उन्होंने कहा था कि विज्ञान पर केंद्रित इस फिल्म से शारीरिक रूप  से असक्षम लोगों के दिलों में जीने की उम्मीद जगेगी। 
हॉकिंग को विज्ञान पर अपने किए गए शोध पर फक्र था। उन्होंने कहा था कि मैंने ब्रह्मांड को समझने में अहम भूमिका निभाई है। वह तब बहुत खुश होते थे जब लोगों की भीड़ उन्हें और उनके काम को जानना चाहती है।

उन्होंने कहा था कि मेरी बीमारी के कारण की मैं एक बेहतरीन वैज्ञानिक बन पाया हूं। मेरी अक्षमताओं की वजह से ही मुझे ब्रह्मांड पर किए गए शोध पर सोचने का काम मिला। 
मेरे अध्ययन ने यह साबित किया कि दुनिया में कोई विकलांग नहीं है।  मैं दिमाग को एक कंप्यूटर समझता हूं जो उसके अलग-अलग हिस्सों के असफल होने की वजह से काम करना बंद कर देता है। 
 1974 में स्टीफन हॉकिंग ने दुनिया को अपनी सबसे महत्वपूर्ण खोज ब्लैक होल थ्योरी के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि ब्लैक होल क्वॉन्टम प्रभावों की वजह गर्मी फैलाते हैं। पांच साल बाद ही वह कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी में गणित के प्रोफेसर बन गए। यह वही पद था जिस पर कभी महान वैज्ञानिक ऐलबर्ट आइनस्टाइन नियुक्त थे। 

साल 1998 में प्रकाशित हुई स्टीफन हॉकिंग की किताब 'अ ब्रीफ हिस्ट्ररी ऑफ टाइम' ने पूरी दुनिया में तहलका मचाया था। इस किताब में उन्होंने ब्रह्मांड विज्ञान के मुश्किल विषयों जैसे 'बिग बैंग थ्योरी' और ब्लैक होल को इतने सरल तरीके से बताया कि एक साधारण पाठक भी उसे आसानी से समझ जाए।

 इस किताब की एक करोड़ से अधिक प्रतियां हाथों-हाथ बिक गई। यह वही किताब है जिसमें उन्होंने ईश्वर के अस्तित्व को ही नकार दिया था।

हॉकिंग एक टाइम मशीन बनाना चाहते थे। उन्होंने एक बार कहा था कि अगर उनके पास टाइम मशीन होती तो वह हॉलिवुड की सबसे खूबसूरत अदाकारा मानी जाने वाली मर्लिन मुनरो से मिलने जाते।
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