ग्रीस की समाचार एजेंसी एएनए के मुताबिक आग बीते सोमवार को नए शहरों तक पहुंच गई। ग्रीस बीते दो हफ्तों से भी ज्यादा समय से भयानक आग का सामना कर रहा है। जानकारों के मुताबिक सूखे और असामान्य रूप से ऊंचे तापमान के कारण आग लगी। इस बार पूरे यूरोप में असाधारण गर्मी पड़ी है। ग्रीस में पारा चढ़ने का रिकॉर्ड बन गया। इस गर्मी को जलवायु परिवर्तन का नतीजा माना गया है। पर्यावरण विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अगर जलवायु परिवर्तन इसी तरह जारी रहा, तो आने वाले समय में आग लगने की ऐसी घटनाएं आम हो जाएंगी।
जानकारों ने ध्यान दिलाया है कि 2008 के बाद आग लगने की घटनाएं बढ़ती गई हैं। तब से 2020 के बीच औसतन हर साल लगभग 1,700 हेक्टयर जंगल राख हुए हैं। इस बार ग्रीस में आग अधिक भयानक हो गई। लेकिन उसके साथ ही इटली, अल्बानिया, नॉर्थ मेसिडोनिया और टर्की में भी जंगलों में आग लगी है।
यूरोपीय आयोग ने बीते रविवार को एलान किया था कि आयोग और अधिक फायर ब्रिग्रेड और दूसरे उपकरण जल्द ही ग्रीस भेजेगा। इसके अलावा भी यूरोप के कई देशों ने मदद करने की पेशकश की है। मगर विश्लेषकों का कहना है कि असल सवाल यह है कि जलवायु परिवर्तन को कैसे रोका जाए? अगर उसके लिए देश कदम नहीं उठाते हैं, तो ऐसी मदद फौरी साबित होकर रह जाएगी।