सरकारी अखबार 'ग्लोबल टाइम्स' की खबर के मुताबिक, चीन के शीर्ष श्वसन रोग विशेषज्ञ झोंग नानशान ने सर्दियों में कोविड-19 के मामलों में मामूली वृद्धि की चेतावनी दी और बुजुर्गों एवं कमजोर आबादी को जल्द से जल्द टीका लगवाने की याद दिलाई। वहीं, शेनझेन के थर्ड पीपुल्स हॉस्पिटल के प्रमुख लू होंगझोउ ने 'डेली' को बताया कि वायरस उत्परिवर्तन (म्यूटेशन) से गुजर रहा है, जबकि सामान्य आबादी की बीमारी से लड़ने की क्षमता घट रही है क्योंकि समय बीतने के साथ उनके एंटीबॉडी का स्तर कम हो रहा है।
लू होंगझोउ के मुताबिक, सर्दियों के मौसम में कोविड-19 के मामलों में वृद्धि हो सकती है। इसके अलावा, शरद ऋतु और सर्दियों को उच्च इन्फ्लूएंजा दर के लिए जाना जाता है, इसलिए, लोगों को संभावित सह-संक्रमणों से भी सावधान रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि सर्दियों के मौसम में रोकथाम और नियंत्रण उपायों को लागू करना अभी भी जरूरी है। लेकिन, इसके बारे में अत्यधिक चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है।
कोरोना वायरस पहली 2019 के अंत में चीन के वुहान में उभरा था। बाद में यह बड़े पैमाने पर फैल गया और महामारी के रूप में बदल गया। इससे पूरी दुनिया में लाखों लोगों की मौत हो गई थी, जबकि इसने लाखों लोगों के स्वास्थ्य को प्रभावित किया था। चीन ने इन आरोपों को लगातार खारिज किया है कि दुनिया को हिला देने वाला वायरस वुहान की एक बायो-लैब से लीक हुआ था। जब दुनिया कोरोनोवायरस के तेजी से उभरते रूपों से जूझ रही थी, चीन ने विदेशों से उड़ानों पर प्रतिबंध लगाकर या प्रतिबंधित करके खुद को बाकी दुनिया से अलग कर लिया था।
चीन ने शंघाई सहित विभिन्न शहरों को समय-समय पर बंद किया था जिससे उसकी अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई। नतीजतन, सरकार के प्रयासों के बावजूद अर्थव्यवस्था अभी तक पूरी तरह से नहीं उभरी है। 'ग्लोबल टाइम्स' की खबर में कहा गया है कि सर्दियां आने के साथ ही कोविड-19 संक्रमण के खतरे के अलावा हाल के हफ्तों में माइकोप्लाज्मा निमोनिया निमोनिया (एमपीपी) और इन्फ्लूएंजा के उच्च मामले सामने आए हैं।