बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने शनिवार को कहा कि चुनाव आयोग के पुनर्गठन के लिए जल्द ही एक खोज समिति गठित की जाएगी। बांग्लादेश की सरकारी समाचार एजेंसी संगबाद संस्था (बीएसएस) के अनुसार, यूनुस ने राज्य अतिथि गृह जमुना में विभिन्न राजनीतिक दलों के साथ बातचीत के दौरान यह घोषणा की।
इस बातचीत में गानो फोरम, लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (एलडीपी), जातीयताबादी समामोना जोटे, 12-पार्टियां, जातीय मुक्ति परिषद, लेबर पार्टी, बांग्लादेश जातीय पार्टी और कुछ अन्य राजनीतिक दल शामिल हुए।
84 वर्षीय अर्थशास्त्री यूनुस ने 8 अगस्त को प्रधानमंत्री शेख हसीना के अपदस्थ होने के बाद मुख्य सलाहकार के रूप में कार्यभार संभाला था।
मुख्य सलाहकार के निजी सहायक महफूज आलम ने बैठक के बाद विदेश सेवा अकादमी में पत्रकारों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि नियमों के अनुसार खोज समिति में छह सदस्य होंगे। आलम ने कहा कि चुनाव संबंधी मुद्दों, जिनमें मतदाता सूची की तैयारी भी शामिल है, पर बाद में चर्चा की जाएगी।
आलम ने कहा कि बैठक के दौरान चुनाव सुधार आयोग, अवामी लीग के वित्तीय अपराधों और जुलाई-अगस्त में छात्रों के नेतृत्व वाले विरोध प्रदर्शन के दौरान हुए सामूहिक हत्याकांड के मुकदमे पर चर्चा की गई।
राजनीतिक नेता जानना चाहते थे कि जुलाई-अगस्त में छात्रों के नेतृत्व वाले विरोध प्रदर्शन के दौरान सामूहिक हत्या में शामिल लोगों के खिलाफ मुकदमा सुनिश्चित करने के लिए सरकार क्या कदम उठाएगी।
विशेष सहायक ने कहा कि वार्ता में शामिल हुए राजनीतिक दलों ने अवामी लीग और उसके गठबंधन दलों पर प्रतिबंध लगाने की मांग की। आलम ने कहा कि पार्टियों ने यह भी विचार व्यक्त किया कि क्या पिछली तीन संसदों 2014, 2018 और 2024 को अवैध घोषित किया जा सकता है।
एक प्रश्न का उत्तर देते हुए, विशेष सहायक ने कहा कि अंतरिम सरकार सर्च समिति और चुनाव आयोग के गठन में अपना गैर-पक्षपातपूर्ण और तटस्थ रुख बनाए रखेगी।
उन्होंने कहा कि चुनाव कराना एक बहुत ही महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय है और इसका समय अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार के नेतृत्व में तय किया जाएगा। मुख्य सलाहकार के पास चुनाव के समय की घोषणा करने का एकमात्र अधिकार है।
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