फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

संकट की आहट: अफगानिस्तान लौटा ओसामा बिन लादेन का पूर्व सहयोगी अमीन-उल-हक, 20 साल पाकिस्तान में गुजारे

Tue, 31 Aug 2021 01:46 AM IST
गौरव पाण्डेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काबुल

सार

तालिबान के कब्जे के बाद अमीन उल हक की अफगानिस्तान में वापसी से यहां आतंकवाद को लेकर जताई गईं आशंकाएं और तेज हो गई हैं।
विज्ञापन
ओसामा बिन लादेन का पूर्व सहयोगी अमीन-उल-हक - फोटो : twitter
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अमेरिकी फौज के हटने के बाद अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे के बाद अब खूंखार आतंकी घर वापसी कर रहे हैं। अफगानिस्तान में अल-कायदा का प्रमुख नेता अमीन-उल-हक तालिबान के कब्जे के बाद नांगरहार प्रांत में स्थित अपने गृह स्थल लौट आया है। वह अलकायदा के पूर्व मुखिया ओसामा बिन लादेन का सहयोगी रहा है। लादेन को 2011 में अमेरिकी सुरक्षा बलों ने पाकिस्तान के एबटाबाद में मार गिराया था।

विज्ञापन


20 साल बाद भी आर्म्स सप्लायर अमीन उल हक की लोगों के बीच लोकप्रियता कम नहीं हुई है। जैसे ही उसकी गाड़ी नांगरहार लौटी तो उसके समर्थकों ने चारों ओर गाड़ी को घेर लिया और उसका स्वागत किया साथ ही उसके साथ फोटो खिंचाने लगे। और वो कार के अंदर से ही लोगों का अभिवादन स्वीकार करता रहा। अमीन उल हक के काफिले में कुछ तालिबानी आतंकी भी शामिल थे।

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो अमीन ने आतंकी संगठन अलकायदा में शामिल होने से पहले 1980 के दशक में सोवियत सेनाओं के खिलाफ भी जंग लड़ी थी। वहीं 2001 की अमेरिका ने ग्लोबल आतंकवादियों की सूची जारी की थी जिसमें इस आतंकी अमीन का नाम शामिल था। वहीं इंटेलीजेंस का मानना है अमीन-उल-हक अफगानिस्तान में लौटने से अलकायदा फिर से मजबूत हो सकता है जो हो सकता है दुनिया के लिए नया खतरा होगा।
विज्ञापन


वहीं अब अफगानिस्तान में तालिबान ने अपना परचम लहरा दिया है, जहां देखो अफगानिस्तान में तालिबान नजर आता है। तालिबान के कब्जे के बाद अफगानिस्तान की भूमि को आतंकी गतिविधियों के लिए किया जाएगा इसमें कोई शक नहीं है, अपने खतरनाक मंसूबों को पूरा करने के लिए आतंकी संगठन फिर एकजुट हो सकते हैं।

बता दें कि अमीन-उल-हक अफगानिस्तान में अल-कायदा का एक प्रमुख खिलाड़ी है। ये तोरा बोरा में ओसामा बिन लादेन के सुरक्षा प्रभारी था और 80 के दशक में उनके करीब हो गया जब उन्होंने मकतबा अखिदमत में अब्दुल्ला आजम के साथ काम किया।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें