जापान में 23 जुलाई को ओलंपिक खेलों की शुरुआत के बाद से कोरोना संक्रमण के मामलों में तेजी से इजाफा हुआ है। ऐसे में लोग प्रधानमंत्री सुगा के इस दावे पर भरोसा करने को तैयार नहीं हैं कि संक्रमण फैलने का कारण ओलंपिक नहीं है। पूर्व राजनयिक और अब जापान के नेशनल ग्रैजुएट इंस्टीट्यूट फॉर पॉलिसी स्टडीज में प्रोफेसर युताका लिमुरा ने टोक्यो के अखबार जापान टाइम्स से कहा कि मौजूदा स्थिति ने सुगा सरकार को कठिन परिस्थिति में डाल दिया है। जो स्थिति है, सुरक्षित ढंग से ओलंपिक खेल आयोजित करने के जापान के दावे के विपरीत है। इससे जापान की अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा भी प्रभावित हुई है।
कोमाजावा यूनिवर्सिटी में राजनीतिक संचार विषय के प्रोफेसर इवाओ ओसाका ने कहा है- ‘ओलंपिक खेलों का सुगा पर नकारात्मक प्रभाव हुआ है। अगर सुगा तुरंत चुनाव कराएं, तो सत्ताधारी पार्टी की हार तय है।’ ये स्थिति इसके बावजूद है कि इस बार ओलंपिक खेलों में जापान ने जबरदस्त कामयाबी हासिल की। 27 स्वर्ण पदकों के साथ वह पदक तालिका में तीसरे नंबर पर रहा। इतने ज्यादा गोल्ड मेडल जापान ने इसके पहले कभी नहीं जीते थे। मगर खेलों में ये कामयाबी प्रधानमंत्री सुगा के काम नहीं आ रही है। कोरोना महामारी के मोर्चे पर नाकामी ने उनकी मुसीबतें बढ़ा दी हैं।