डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर दक्षिण एशिया की राजनीति को लेकर बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच बढ़ते तनाव पर चिंता जताते हुए कहा है कि अगर जरूरत पड़ी तो अमेरिका इस मामले में हस्तक्षेप करने के लिए तैयार है। हालांकि उन्होंने पाकिस्तान के साथ अपने मजबूत और अच्छे संबंधों पर भी जोर दिया है।
पाकिस्तान और अफगानिस्तान की सीमा पर हाल के दिनों में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। सीमावर्ती इलाकों में झड़पों और सैन्य गतिविधियों की खबरों ने क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर चिंता बढ़ा दी है। ऐसे में अमेरिका की भूमिका को लेकर कूटनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई थीं।
इसी बीच ट्रंप ने स्पष्ट संकेत दिया कि अमेरिका स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए है। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर अमेरिका मध्यस्थता की भूमिका निभाने के लिए तैयार है। साथ ही उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और सेना प्रमुख की तारीफ करते हुए उन्हें शानदार नेता बताया।
ट्रंप ने कहा "मैं हस्तक्षेप करूंगा, लेकिन मेरे पाकिस्तान के साथ बहुत अच्छे रिश्ते हैं। वहां के प्रधानमंत्री और सेना प्रमुख दोनों ही शानदार नेता हैं। मैं उनका बहुत सम्मान करता हूं। पाकिस्तान इस समय बहुत अच्छा कर रहा है।"
ट्रंप ने पाकिस्तान की आर्थिक और राजनीतिक स्थिति को लेकर भी सकारात्मक टिप्पणी की। इसे एक संतुलित कूटनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें एक तरफ अमेरिका ने हस्तक्षेप की संभावना जताई है, तो दूसरी तरफ पाकिस्तान के साथ अपने मजबूत संबंधों को भी दोहराया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका का यह बयान आने वाले समय में क्षेत्रीय कूटनीति को प्रभावित कर सकता है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या अमेरिका इस विवाद में सक्रिय भूमिका निभाएगा या केवल निगरानी तक ही सीमित रहेगा।