जब दुनिया के दो सबसे बड़े दुश्मनों की मुलाकात हुई तो सभी की नजरें वहीं टिकी रह गईं। उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग पहली बार सीमा पार कर दक्षिण कोरिया में एंट्री की और राष्ट्रपति मून जे-इन ने उनका स्वागत किया। इस कदम को दुश्मनी छोड़ दोस्ती के एक नए दौर की तरह देखा जा रहा है। आइए बताते हैं कि आखिर ये ऐतिहासिक कदम किस मकसद से उठाया गया है।