क्या नॉर्थ कोरिया में सत्ता की अगली कहानी लिखी जा रही है? क्या मिसाइलों के धमाकों के बीच कोई नया वारिस भी सामने आ रहा है? वॉरशिप से स्ट्रेटेजिक क्रूज मिसाइलों का टेस्ट और इस टेस्ट के माध्यम से क्या किम जोंग उन ने दुनिया को अपनी सैन्य ताकत दिखाने की कोशिश की? इस टेस्ट के दौरान कैमरों में कैद होती एक और तस्वीर और वो तस्वीर थी किम जोंग उन की बेटी की।
मिसाइल लॉन्च होते ही किम जोंग उन की बेटी के चेहरे पर जो प्रतिक्रिया दिखी उसकी उसने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया। अब सवाल उठ रहा है कि आखिर इन मिसाइल टेस्ट के दौरान उसका यह आत्मविश्वास क्या संकेत देता है? क्या यह सिर्फ एक पारिवारिक मौजूदगी है या फिर दुनिया को दिखाया जा रहा है नॉर्थ कोरिया का संभावित भविष्य?
बताया जाता है कि यह किशोरी Kim Ju Ae है जो हाल के महीनों में कई सैन्य कार्यक्रमों में अपने पिता के साथ दिखाई दी है। तो क्या मिसाइल परीक्षण के इस मंच से कोई बड़ा राजनीतिक संदेश भी दिया जा रहा है? क्या किम जोंग उन अपनी बेटी को धीरे-धीरे दुनिया के सामने ला रहे हैं? और आखिर मिसाइल लॉन्च के दौरान उसकी बॉडी लैंग्वेज क्या कहानी कहती है?
इन्हीं सवालों के जवाब और नॉर्थ कोरिया के इस नए शक्ति प्रदर्शन की पूरी कहानी बताएंगे आपको इस वीडियो में।
अमेरिका और साउथ कोरिया के संयुक्त सैन्य अभ्यास के बीच नॉर्थ कोरिया ने एक बार फिर अपनी सैन्य ताकत का प्रदर्शन किया है। नॉर्थ कोरिया ने वॉरशिप से स्ट्रेटेजिक क्रूज मिसाइलों का परीक्षण किया, जिसे प्योंगयांग ने अपनी “युद्ध रोकने की क्षमता” दिखाने वाला कदम बताया है। इस मिसाइल परीक्षण के दौरान देश के नेता Kim Jong Un और उनकी किशोर बेटी भी मौजूद थीं।
नॉर्थ कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी Korean Central News Agency (KCNA) की ओर से जारी तस्वीरों और वीडियो में किम जोंग उन और उनकी बेटी को एक कॉन्फ्रेंस रूम में बड़ी स्क्रीन पर मिसाइल लॉन्च का लाइव फुटेज देखते हुए दिखाया गया है। स्क्रीन पर एक नेवी डिस्ट्रॉयर से क्रूज मिसाइलें दागे जाने का दृश्य दिखाई देता है।
KCNA की रिपोर्ट के अनुसार, यह मिसाइलें नॉर्थ कोरिया के पश्चिमी तट के पास स्थित लक्ष्य द्वीपों की ओर दागी गईं और उन्होंने सटीक निशाना साधा। रिपोर्ट में बताया गया कि मिसाइल लॉन्च का उद्देश्य नौसेना की रणनीतिक हमलावर क्षमता को प्रदर्शित करना और सैनिकों को आधुनिक हथियारों के इस्तेमाल का अभ्यास कराना था।
माना जा रहा है कि यह परीक्षण ऐसे समय में किया गया है जब अमेरिका और साउथ कोरिया बड़े पैमाने पर संयुक्त सैन्य अभ्यास कर रहे हैं। प्योंगयांग लंबे समय से इन अभ्यासों को अपने खिलाफ युद्ध की तैयारी बताता रहा है।
इस बीच नॉर्थ कोरिया की वरिष्ठ अधिकारी और किम जोंग उन की बहन Kim Yo Jong ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और साउथ कोरिया के संयुक्त अभ्यास से यह साफ हो जाता है कि उनके मन में नॉर्थ कोरिया के प्रति कितनी गहरी दुश्मनी है। उन्होंने चेतावनी दी कि नॉर्थ कोरिया अपने विरोधियों को यह एहसास कराएगा कि उसकी युद्ध रोकने की क्षमता कितनी मजबूत है।
रिपोर्ट के मुताबिक किम जोंग उन ने भी मिसाइल परीक्षण के दौरान मजबूत और भरोसेमंद परमाणु प्रतिरोधक क्षमता बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया। उनका कहना था कि देश की सुरक्षा के लिए आधुनिक हथियारों और सैन्य क्षमता को लगातार मजबूत करना जरूरी है।
हालांकि KCNA की आधिकारिक रिपोर्ट में किम की बेटी का नाम नहीं लिया गया, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह वही किशोरी है जिसे Kim Ju Ae के नाम से जाना जाता है। बताया जाता है कि वह करीब 13 साल की हैं और पिछले कुछ वर्षों में कई बड़े सैन्य और सरकारी कार्यक्रमों में अपने पिता के साथ दिखाई दे चुकी हैं।
किम जू ए की सार्वजनिक मौजूदगी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अटकलों को भी जन्म दिया है। कई विश्लेषकों का मानना है कि किम जोंग उन धीरे-धीरे उन्हें भविष्य के संभावित उत्तराधिकारी के रूप में सामने ला रहे हैं।
दक्षिण कोरिया की खुफिया एजेंसी National Intelligence Service ने भी हाल ही में अनुमान जताया था कि किम जोंग उन अपनी बेटी को अपना वारिस बना सकते हैं। हालांकि नॉर्थ कोरिया की ओर से इस बारे में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
विशेषज्ञों के अनुसार, मिसाइल परीक्षण और किम की बेटी की मौजूदगी दोनों ही संदेश देने की रणनीति का हिस्सा हो सकते हैं। एक तरफ प्योंगयांग अपने विरोधियों को सैन्य ताकत का संकेत दे रहा है, तो दूसरी तरफ सत्ता के भविष्य को लेकर भी संकेत दिए जा रहे हैं।
अमेरिका और साउथ कोरिया के साथ जारी तनाव के बीच नॉर्थ कोरिया के ये कदम क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा सकते हैं। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि क्या इस मिसाइल परीक्षण के बाद कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव और बढ़ता है या कूटनीतिक स्तर पर कोई नई पहल सामने आती है।