यमुनोत्री धाम पहुंचने वाले यात्री सूर्य कुंड में चावल का उबालकर उसे प्रसाद के रूप में अपने साथ ले जा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर धाम में दो गर्मकुंड में यात्री स्नान के साथ ही उसके आयुर्वेदिक स्वास्थ्य लाभ भी ले रहे हैं। उन कुंडों में स्नान कर यात्री धाम की पांच किमी की खड़ी चढ़ाई की थकान को भी उतार रहे हैं। यमुनोत्री धाम में निकलने वाली गर्म धाराएं उस क्षेत्र के प्राकृतिक भिन्नताओं का यात्रियों के लिए हमेशा आकर्षण का केंद्र रहती है। यमुनोत्री धाम के मुख्य मंदिर के पास एक गर्मधारा निकलती है। इसे सूर्य कुंड कहा जाता है। धाम में पहुंचने वाले यात्री वहां पर अपने घरों से लाए चावल को उस्में डालकर उबालते हैं और उसके बाद पोटली में बांधकर उसे प्रसाद के रूप में अपने घरों में ले जाते हैं।