शरीर में होने वाली गांठ के मरीजों को अब जांच के लिए ज्यादा खर्च नहीं उठाना पड़ेगा। प्राइवेट लैबों में होने वाली एफएनएसी जांच की सुविधा अब सरकारी अस्पताल में भी मिलने लगी है। वहां मरीज राजकीय दरों पर जांच करा सकते हैं। एलडी भट्ट राजकीय उप जिला चिकित्सालय की पैथोलॉजी लैब में एफएनएसी (फाइन नीडल एस्पिरेशन साइटोलॉजी) जांच की सुविधा शुरू हो गई है। यह एक त्वरित, न्यूनतम आक्रामक और सस्ती निदान प्रक्रिया है। इसमें शरीर में गांठ, सूजन या संदिग्ध ऊतकों का सैंपल लेकर कैंसर या संक्रमण की जांच की जाती है। डॉक्टर गांठ में एक पतली खोखली सुई से कोशिकाओं को निकालकर जांच करते हैं। एफएनएसी जांच में स्तन, थायरॉइड, गर्दन के लिम्फ नोड्स, लार ग्रंथियों में मौजूद गांठ की प्रकृति (कैंसर या सौम्य) का पता लगता है। इससे बड़ी सर्जरी या चीरा-टांके से बचा जा सकता है। यह टीबी का पता लगाने के लिए भी उपयोग की जा सकती है। यह जांच 1400 से 2000 रुपये तक की होती है। इसके अलावा माइक्रोस्कोपी टेस्ट में सूक्ष्मदर्शी का उपयोग करके मूत्र, ऊतक या अन्य शारीरिक तरल पदार्थों में रक्त कोशिकाओं, बैक्टीरिया, परजीवियों, क्रिस्टल और ट्यूमर कोशिकाओं की जांच की जाती है। यह संक्रमण, किडनी रोगों और मधुमेह जैसी स्थितियों का पता लगाने या निदान की पुष्टि करने में सहायक है। बता दें कि काशीपुर सरकारी अस्पताल में आसपास क्षेत्र के बड़ी संख्या में मरीज पहुंचते हैं। यहां रोजाना करीब 40-50 मरीजों की विभिन्न जांचे होती हैं।