तीर्थनगरी देवप्रयाग की पावन मर्यादा को ताक पर रखकर खोले गए शराब के ठेके के विरोध में जन-आक्रोश की ज्वाला धधक उठी है। आंदोलन के दूसरे दिन सोमवार को संगम नगरी में भारी तनावपूर्ण स्थिति बनी रही, जहां महिलाओं ने भजन-कीर्तन के माध्यम से सरकार की 'सद्बुद्धि' के लिए प्रार्थना की, वहीं दूसरी ओर जिला आबकारी अधिकारी के.पी. सिंह द्वारा पूर्व प्रधान के साथ की गई कथित अभद्रता ने आग में घी डालने का काम किया है। आक्रोशित जनप्रतिनिधियों ने तहसीलदार के समक्ष अधिकारी को तत्काल निलंबित करने की मांग करते हुए थाने में तहरीर देकर मोर्चा खोल दिया है।