बीरों देवल, संगूड़, नैणी पौंड, क्यार्क बरसूड़ी की 20 साल बाद हो रही चंडिका दिवारा यात्रा जनवरी से मैती गांव के अलावा,अन्य गांवों के भ्रमण पर है। इस दौरान माता 21 जनवरी रात्री विश्राम नजदीकि गांव डालसिंगी में किया। जहां भक्तों ने रात भर जागरण कर मां को भोग लगाया।