तहसील बसुकेदार के अंतर्गत डुंगर भड़वाड़ी की सेम तोक के करीब 20 परिवार एक साल बाद भी मूलभूत सुविधाओं के लिए जूझ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि 28 अगस्त 2025 की आपदा के बाद अब तक प्रशासन की टीम बस्ती तक नहीं पहुंची, जबकि क्षेत्र के चारों ओर लगातार भूस्खलन हो रहा है। ग्रामीणों के अनुसार पेयजल और रास्ते की समस्या गंभीर बनी हुई है। हाल ही में प्रसव पीड़ा से जूझ रही महिला को स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाने में भी काफी परेशानी उठानी पड़ी। ग्रामीणों का कहना है कि आपदा के समय बस्ती के विस्थापन की बात कही गई थी, लेकिन एक साल बीतने के बाद भी इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने बताया कि बारिश के दौरान बस्ती के नीचे बह रहे नाले से लगातार कटाव हो रहा है और कई मकानों की नींव खाली होने लगी है। खतरे के चलते उन्होंने बच्चों को स्कूल भेजना तक बंद कर दिया है। ग्रामीण विक्रम लाल, जसपाल लाल, रणजीत लाल, नर्वदा देवी, शकुंतला, रौशनी, मुकेश, गजपाल, चंद्र लाल और गोविंद समेत ग्रामीणों ने कहा कि समस्या की जानकारी तहसील दिवस और उच्चाधिकारियों को कई बार दी जा चुकी है, लेकिन सुरक्षा के लिए अब तक कोई ठोस काम नहीं हुआ।