कपाट बंद होने के बाद भी केदारपुरी क्षेत्र में निर्माण एवं पुनर्निर्माण कार्य लगातार जारी है। इनमें सबसे महत्वपूर्ण कार्य सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से भवनों एवं नव-निर्मित लाइनों को जोड़ने का है। वर्तमान में यह कार्य केदारपुरी क्षेत्र में तेजी से किया जा रहा है। श्री केदारनाथ धाम मास्टर प्लान के अंतर्गत सीवरेज लाइन का कार्य मंदाकिनी नदी क्षेत्र, सरस्वती नदी क्षेत्र एवं केंद्रीय सड़क क्षेत्र में किया जा रहा है। जिसमें कि मंदाकिनी नदी क्षेत्र में लगभग 400 मीटर तथा पुल क्षेत्र से एसटीपी तक 585 मीटर व सरस्वती नदी क्षेत्र में 150 मीटर सीवरेज लाइन बिछाई जा चुकी है। अब केदारपुरी में मौजूद भवनों एवं शौचालयों के साथ, नव विकसित सार्वजनिक सुविधाएं जैसे तीर्थयात्री आवास भवन, गेस्ट हाउस–1 व 2 सहित अन्य भवनों को भी सीवेज नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है। इसके साथ ही नगर पंचायत केदारनाथ द्वारा सीवेज संचालन के लिए 500 लीटर क्षमता की सक्शन मशीन भी क्रय की गई है। प्रशासन की कोशिश है कि आगामी यात्रा काल तक लगभग 25 प्रतिशत भवनों को इस सीवेज नेटवर्क से जोड़ दिया जाए। इस साल सीवेज के साथ ही केदार क्षेत्र में 3000 वर्ग फीट क्षेत्रफल में एक मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी एमआरएफ सेंटर की स्थापना की गई है, जिसकी प्रसंस्करण क्षमता 3 टन प्रतिदिन तथा भंडारण क्षमता लगभग 50 टन है। "केदारनाथ क्षेत्र में कपाट बंद होने के बाद से ही पुनर्निर्माण एवं विकास कार्य निरंतर गतिमान हैं। इसमें यात्रा मार्गों का सुधार तथा केदारपुरी क्षेत्र में विभिन्न विकास कार्य शामिल हैं। एसटीपी का निर्माण भी पूर्ण कर लिया गया है। प्रशासन का लक्ष्य है कि आगामी यात्रा काल तक 25 प्रतिशत से अधिक भवनों को एसटीपी नेटवर्क से जोड़ा जा सके।" — प्रतीक जैन, जिलाधिकारी, रुद्रप्रयाग