रुद्रप्रयाग जिले के नवनियुक्त डीएफओ विनीत कुमार ने कहा कि वन विभाग का फोकस केवल विकास कार्यों की अनुमति तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि वन क्षेत्रों से जुड़े विकास कार्य स्थानीय लोगों की सुविधा के अनुरूप हों और लंबे समय तक टिकाऊ रहें। उन्होंने कहा कि रुद्रप्रयाग संवेदनशील और भूस्खलन संभावित जिला है। ऐसे में यहां होने वाले विकास कार्यों में पर्यावरणीय संवेदनशीलता और दीर्घकालिक स्थायित्व का विशेष ध्यान रखा जाना जरूरी है। वन विभाग विकास कार्यों की निगरानी करेगा और संबंधित यूजर एजेंसियों को गुणवत्तापूर्ण एवं टिकाऊ कार्य करने के लिए प्रेरित किया जाएगा, ताकि योजनाओं का वास्तविक लाभ आम लोगों को मिल सके। डीएफओ ने कहा कि जिले में मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं भी बढ़ी हैं। इनके प्रभावी प्रबंधन के लिए वन विभाग उपलब्ध आंकड़ों का डिजिटलीकरण करेगा। इससे घटनाओं की वास्तविक समय में जानकारी मिलने और जरूरत के अनुसार त्वरित कार्रवाई करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि जिले में ईको टूरिज्म से जुड़े प्रोजेक्ट को भी बढ़ावा दिया जाएगा। इसका उद्देश्य तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को धार्मिक यात्रा के साथ प्रकृति से जोड़ना तथा हिमालयी पर्यावरण और जैव विविधता के महत्व के प्रति जागरूक करना है।