किसान सुखवंत सिंह की आत्महत्या के मामले में भारतीय किसान यूनियन रोड़ के बड़ी संख्या में कार्यकर्ता तहसील पहुंचे और सीबीआई जांच की मांग के लिए जेएम को पत्र सौंपा। जेएम कार्यालय के बाहर जमकर हंगामा और नारेबाजी की। राष्ट्रीय अध्यक्ष पदम सिंह रोड़ ने कहा कि भूमाफिया और खाकी के गठजोड़ ने किसान को आत्महत्या के मजबूर किया। इस दौरान किसानों के बीच दरी बैठे ज्वाइंट मजिस्ट्रेट से भी जमकर बहस की गई। आरोप लगाया कि स्थानीय किसानों का शोषण किया जा रहा है। इस दौरान संगठन ने ऐलान किया कि 21 जनवरी को वह रुड़की में विशाल ट्रैक्टर रैली निकाली जाएगी। भारतीय किसान यूनियन (रोड़) के राष्ट्रीय अध्यक्ष पदम सिंह रोड़ के नेतृत्व में मंगलवार सुबह बड़ी संख्या में किसान ज्वाइंट मजिस्ट्रेट कार्यालय पहुंचे। जहां उन्होंने धरना देकर भू-माफियाओं और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की, उन्होंने कहा कि किसान सुखवंत सिंह की आत्महत्या की सीबीआई जांच होनी चाहिए, ताकि आरोपियों को सजा मिल सके। उन्होंने कहा कि पीड़ित किसान ने आत्महत्या करने से पहले सुसाइड नोट छोड़ा है, जिसमें भृ-माफियाओं और पुलिस के अधिकारियों के नाम उजागर किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सुसाइड नोट में पुख्ता सबूत होने के बावजूद पुलिस अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं कर पाई है। उन्होंने कहा कि छोटे छोटे विवादों में भी किसानों के डेढ़ लाख तक के मुचलके भरे जा रहे हैं जो सरासर गलत है। स्थानीय स्तर पर भी सिस्टम किसानों का शोषण कर रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री से मांग है कि वह ऊधमसिंह नगर काशीपुर के किसान सुखवंत सिंह की आत्महत्या के मामले की सीबीआई जांच कराए। मांग पूरी नहीं होने पर 21 जनवरी को किसान बड़ी ट्रैक्टर रैली निकाल कर बड़ा आंदोलन छेड़ देंगे।