रुड़की लिब्बरहेडी में छेड़ा इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी आए दिन विवादों से घिरी रहती है। सोमवार को भी कंपनी कर्मचारी धरने पर बैठ गए। कर्मचारियों का कहना है कि कंपनी ने उनसे छह महीने तक काम लिया और फिर एक महीने का आराम दे दिया। तब कंपनी ने उनसे कहा था कि एक माह बाद उन्हें वापस रख लिया aजाएगा। अब एक माह बीतने के बाद जब कर्मचारी कंपनी में गए तो वहां उन्हें फिर से काम पर रखने से मना कर दिया। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि कंपनी अब नये युवाओं की भर्ती कर रही है। ऐसे में उनके सामने आर्थिक संकट गहरा गया है। कर्मचारियों ने फिर से उन्हें काम पर रखने की मांग की है और वह धरने पर बैठे हैं।