पिथौरागढ़ नगर में हर साल बढ़ रही आबादी और जल संकट को देखते हुए इससे निपटने का प्लान तैयार हुआ है। यह प्लान तभी धरातल पर उतरेगा जब 600 करोड़ की योजना को स्वीकृति मिलेगी। यदि इस योजना को स्वीकृति मिली तो अगले 30 साल तक नगर में पानी की कमी नहीं होगी। नगर की प्यास बुझाने के लिए आंवलाघाट और घाट पंपिंग योजना को धरातल पर उतारा गया है। वर्ष 1978 में एक करोड़ रुपये से बनी घाट पंपिंग योजना से चार तो वर्ष 2016 में 79 करोड़ रुपये से बनी आंवलाघाट योजना से छह एमएलडी पानी नगर में पहुंच रहा है। अन्य छोटी-बड़ी योजनाओं को शामिल किया जाए तो नगर में वर्तमान में 10 से 12 एमएलडी पानी की आपूर्ति हो रही है। जल निगम के मुताबिक बीते दो दशक में नगर की आबादी करीब दो से तीन गुना बढ़ी है और वर्तमान में इसके डेढ़ लाख पहुंचने का अनुमान है। नगर में हर रोज 15 से 16 एमएलडी पानी की जरूरत पड़ रही है। गर्मी में यह जरूरत और भी बढ़ जाती है। इस समस्या से निपटने के लिए जल निगम ने 600 करोड़ रुपये का प्लान तैयार कर शासन में भेजा है। इसके तहत आंवलाघाट में बड़े पंप लगाने के साथ ही नए वैल के निर्माण की योजना है। करीब 17 किमी लंबी घाट पंपिंग योजना का भी पुनर्गठन होगा। नए पंप और नए कुएं बनेंगे। दोनों योजनाओं से 26 एमएलडी पानी नगर में पहुंचेगा। अधिकारियों का साफ तौर पर कहना है कि यदि इस योजना को मंजूरी मिली तो अगले 30 सालों तक नगर में पानी की कोई समस्या नहीं होगी।