बलुवाकोट ग्राम पंचायत में सरकारी कर्मचारी को मनरेगा मजदूर बना दिया गया। ग्रामीणों ने खुद यह आरोप लगाया है। उन्होंने कलक्ट्रेट पहुंचकर विकास कार्यों में फर्जीवाड़े का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि पूर्व में गठित कमेटी ने घर बैठे जांच कर दी। कहा यदि निष्पक्षता से जांच हुई तो इस फर्जीवाड़े का पर्दाफाश होगा। सोमवार को बलुवाकोट के पूर्व प्रधान और जन जागृति मंच के अध्यक्ष हरी राम आर्या के नेतृत्व में ग्रामीण कलक्ट्रेट पहुंचे और डीएम विनोद गोस्वामी को ज्ञापन दिया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2019 से अब तक मनरेगा के तहत हुए कार्यों में फर्जीवाड़ा किया गया है। निर्माण सामग्री के फर्जी बिल लगाकर भुगतान हुआ है। आरोप लगाया कि गांव के ही एक सरकारी कर्मचारी को मनरेगा मजदूर बना दिया गया इसके साक्ष्य उनके पास मौजूद हैं। गैरगांव, गोधरी में बने अमृत सरोवर, हैलीपैड निर्माण में भारी अनियमितता बरती गई हैं। इन सभी योजनाओं में सिर्फ सरकारी धन को ठिकाने लगाया गया है। उन्होंने कहा कि पूर्व में इस पूरे मामले की जांच के लिए कमेटी का गठन हुआ। बगैर स्थलीय निरीक्षण के ही जांच रिपोर्ट तैयार कर दी गई। उन्होंने डीएम से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। चेतावनी देते हुए कहा यदि मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन होगा। ज्ञापन देने वालों में हरीश जोशी, पंकज सिंह मेहरा, पुष्कर सिंह बिष्ट, दीपक सिंह सहित अन्य लोग शामिल रहे।