पिथौरागढ़ के अधिवक्ताओं, बयनामा लेखकों और स्टांप विक्रेताओं ने विवाह और वसीयत पंजीकरण, रजिस्ट्री बयनामा की पेपरलेस प्रक्रिया का विरोध करते हुए पुरानी व्यवस्था को फिर से लागू करने की मांग की है। उनका कहना है कि नई व्यवस्था से उनके रोजगार पर गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। इस मुद्दे पर सभी अधिवक्ताओं, बयनामा लेखकों और स्टांप विक्रेताओं ने अपर जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है। ज्ञापन में उन्होंने बताया कि वर्तमान में वे सभी पिथौरागढ़ कलक्ट्रेट परिसर में कार्यरत हैं और इसी से अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। 26 जनवरी से नई व्यवस्था लागू होने के बाद उनके सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट पैदा हो गया है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि पूर्व की तरह व्यवस्था को बहाल किया जाए, नहीं तो वे सरकार के खिलाफ उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे। ज्ञापन देने वालों में गंगा सिंह बाफिला, शेर राम मस्ताना, अजय सिंह राठौर, देवकी नंदन जोशी, जगदीश मेहता, नवीन चंद्र जोशी, होशियार सिंह सौन, त्रिलोक चंद्र जोशी, संजय कुमार, तिलकराज, हिमांशु गहतोड़ी, महेंद्र मल्ल, दीपक कुमार, गजेंद्र बहादुर और नवीन चंद्र पंत शामिल रहे।