पिथौरागढ़ जिले के सरमोली-जैंती वन पंचायत में आयोजित 19 वें मेसर वन कौतिक का सामुदायिक एकजुटता, पर्यावरण संरक्षण और लोक संस्कृति के अनूठे संगम के साथ समापन हो गया है। कौतिक का आयोजन दो दशक पूर्व ग्रामीणों के श्रमदान से पुनर्जीवित किए गए मेसर कुंड की स्मृति में प्रतिवर्ष आयोजित किया जाता है। यह कुंड आज क्षेत्र के आठ गांवों की प्यास बुझा रहा है। समापन से पूर्व छोलिया नृत्य और चाचरी से गायन से मेसर देवता का आह्वान कर शोभायात्रा निकाली गई। रांथी गांव के वाद्य यंत्रों की थाप और महिला मंगल दलों के पारंपरिक मेसर कुंड गीत से पूरा वातावरण गुंजायमान हो उठा। लोगों ने मेसर देवता का आह्वान कर प्रकृति के प्रति कृतज्ञता जताई। मेले का विधिवत उद्घाटन विधायक हरीश धामी और कांग्रेस जिलाध्यक्ष मनोहर टोलिया ने किया। कबीर के भजनों और ढुस्का नृत्य से सजी सांस्कृतिक महफिल से सांस्कृतिक विविधताओं का अद्भुत रंग देखने को मिला। इस दौरान स्थानीय व्यंजनों के स्टॉल, रस्सा-कस्सी समेत विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इस मौके पर मल्लिका विर्दी, त्रिलोक राणा, दीपक पछांई, वीना आर्या, वीना देवी समेत कई गांवों के ग्रामीण मौजूद रहे