पिथौरागढ़ जिले में फिर से तेंदुए की दहशत बढ़ गई है। सेरीकांडा में तेंदुए ने गोठ में घुसकर एक साथ 13 बकरियों को मार डाला। धारी गांव में भी बीते कई दिनों से दिनदहाड़े तेंदुआ दिखने से ग्रामीण सहमे हुए हैं। हालात यह हैं कि दोनों गांवों के ग्रामीण शाम होते ही घरों में कैद होने के लिए मजबूर हैं। वन विभाग गश्त कर तेंदुए की सक्रियता का पता लगाने में जुट गया है। जानकारी के मुताबिक, जिला मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर दूर सेरीकांडा गांव में बीते कई दिनों से एक साथ कई तेंदुए नजर आ रहे हैं। गांव के आसपास तेंदुए दिखने से लोगों में दहशत है। बीते सोमवार की रात तेंदुए ने मनोज मेहता के गोठ में घुसकर 13 बकरियों को मार डाला। जब वह सुबह अपने बाड़े में पहुंचे तो बकरियों के शव नजर आए। सूचना पर वन बीट अधिकारी गिरीश जोशी, वन श्रमिक संजय मेहता, महेंद्र सिंह, दीपक चंद, जगत राम, रविंद्र राम, अर्जुन राम और प्रमोद वल्दिया ने गांव पहुंचकर घटना का जायजा लिया। सभी ने तेंदुए की सक्रियता का पता लगाने के लिए गश्त की लेकिन तेंदुआ कहीं नजर नहीं आया। ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग को कई दिनों से तेंदुए नजर आने की सूचना दी गई थी लेकिन विभाग ने कोई संज्ञान नहीं लिया। अब इसकी कीमत बकरी पालक को चुकानी पड़ी है।