पिथौरागढ़ जिले के पौण, बडौली और गणकोट के ग्रामीणों ने चंडाक-धारी-पाभैं सड़क का विरोध करते हुए कलक्ट्रेट में धरना दिया। उन्होंने कहा कि बगैर उनकी अनापत्ति के सड़क का निर्माण किया जा रहा है। सड़क बनने से उनकी प्यास बुझाने वाली पेयजल योजना ध्वस्त हो जाएगी तो कई प्राकृतिक जल स्रोतों का अस्तित्व पूरी तरह मिट जाएगा। बांज सहित अन्य प्रजाति के हरे-भरे पेड़ कटने से वन संपदा को नुकसान पहुंचेगा तो उनके पशुओं के लिए चारे का संकट पैदा होगा। मनमाने तरीके से तीनों गांवों का नुकसान कर सड़क बनाना गलत है। शुक्रवार को पौण, बडौली और गणकोट की महिलाएं और अन्य लोग कलक्ट्रेट पहुंचे और प्रदर्शन करते हुए धरना दिया। उन्होंने कहा कि उनके गांवों के बीच से होकर चंडाक-धारी-पाभैं सड़क बनाने की तैयारी हो रही है इसके लिए तीनों गांवों से अनापत्ति नहीं ली गई। सड़क बनने से तीनों गांवों को जलापूर्ति करने वाली पौण पंपिंग योजना ध्वस्त होने की पूरी संभावना है इसकी मार उन्हें सहनी होगी। उन्होंने कहा कि सालों की मेहनत से उन्होंने बांज सहित अन्य प्रजाति का हरा-भरा जंगल विकसित किया है जो उनके पशुओं के चारे की जरूरत पूरी करता है। यही जंगल उनकी प्यास बुझाने वाले कई प्राकृतिक जल स्रोतों को जीवित रखता है। जंगल को काटकर सड़क बनाने की तैयारी हो रही है। ऐसे में जल स्रोतों का अस्तित्व पूरी तरह समाप्त हो जाएगा तो उनके पशुओं के लिए चारे का संकट पैदा होगा। बगैर उनके हितों को ध्यान में रखते हुए सड़क की यह योजना तैयार की गई है इसका तीनों गांव विरोध करते हैं। मामले में उन्होंने डीएम को ज्ञापन भी दिया। चेतावनी देते हुए कहा यदि इस योजना पर रोक नहीं लगी तो वे सड़कों पर उतरेंगे। धरना देने वालों में प्रेम सिंह वल्दिया, गजेंद्र सिंह, केदार सिंह, राजेंद्र वल्दिया, लोकेश राम, सोबन सिंह, विनोद सिंह, कमला, हेमा, सरस्वती आदि शामिल रहे।